जितेन्द्र गौड़
टिहरी/नैनबाग : मामला श्रीकोट का है जहाँ भारी बरसात ने सब कुछ तबाह कर दिया,यशपाल बिष्ट ने लॉक डाउन के चलते घर मे ही अपना व्यवसाय शुरू करने की ठानी, और मत्स्य पालन विभाग की सहायता से मछली पालन का कार्य शुरू कर दिया। कड़ी मेहनत के बाद जैसे ही मछली अब बाजार में बिकनी शुरू ही होनी थी कि वैसे ही लगातार हुई बारिश ने अपने साथ इतना सारा मलवा लाया की तीनों तालाब मलवे से भर गए और सब नष्ट कर दिया। यशपाल के सारे सपने धरे के धरे रह गए, यशपाल से बात की तो बड़े भावुकता के साथ अपनी किस्मत को कोसने लगे। खैर विधाता के आगे सभी नतमस्तक हैं, क्योंकि ऊपर वाले के कहर से कोई नहीं बच पाता क्षेत्रीय लोगों ने सद्भावनाएं व्यक्त करते हुए साहस और धैर्यपूर्वक कार्य करने की बात कही।
स्टोर में सामान का हिसाब अधूरा मिला, पशु बाजार की व्यवस्था पर भी उठे सवाल,…
देहरादून पुलिस ने NSUI कार्यकर्ताओं और कांग्रेस नेताओं को बसों में बैठाकर SSP प्रमेंद्र डोबाल…
एशियन गेम्स 2026 के जेवलिन थ्रो में यश वीर सिंह ने सिल्वर तो रोहित यादव…
माउंट जॉगिंग क्षेत्र की रेकी का कार्य शुरू, एसडीआरएफ के दो जवान क्षेत्र की भौगोलिक…
शैलजा किरण ने बताया कि रामोजी फाउंडेशन ने एक साल के अंदर तालाब विकास परियोजना…
आज आश्विन महीने की कृष्ण पक्ष तृतिया तिथि है. इस तिथि के देवता अग्नि है.…