जितेन्द्र गौड़
टिहरी/नैनबाग : मामला श्रीकोट का है जहाँ भारी बरसात ने सब कुछ तबाह कर दिया,यशपाल बिष्ट ने लॉक डाउन के चलते घर मे ही अपना व्यवसाय शुरू करने की ठानी, और मत्स्य पालन विभाग की सहायता से मछली पालन का कार्य शुरू कर दिया। कड़ी मेहनत के बाद जैसे ही मछली अब बाजार में बिकनी शुरू ही होनी थी कि वैसे ही लगातार हुई बारिश ने अपने साथ इतना सारा मलवा लाया की तीनों तालाब मलवे से भर गए और सब नष्ट कर दिया। यशपाल के सारे सपने धरे के धरे रह गए, यशपाल से बात की तो बड़े भावुकता के साथ अपनी किस्मत को कोसने लगे। खैर विधाता के आगे सभी नतमस्तक हैं, क्योंकि ऊपर वाले के कहर से कोई नहीं बच पाता क्षेत्रीय लोगों ने सद्भावनाएं व्यक्त करते हुए साहस और धैर्यपूर्वक कार्य करने की बात कही।
देहरादून/मसूरी। पहाड़ों की रानी मसूरी में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। गर्मी से…
देहरादून। राजधानी देहरादून में बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए प्रशासन ने डिजिटल ट्रैफिक प्रबंधन…
देहरादून। उत्तराखंड सरकार राज्य में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर…
देहरादून। उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में महिला स्वयं सहायता समूह आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम…
देहरादून। जल संकट की बढ़ती चुनौतियों के बीच देहरादून में जल संरक्षण को लेकर नए…
देहरादून। राजधानी देहरादून में बढ़ती वाहनों की संख्या के साथ पार्किंग की समस्या लगातार गंभीर…