बढ़ते शहरीकरण और सुनियोजित विकास की परिकल्पना को मूर्त रूप देने की दिशा में सरकार गंभीरता से आगे बढ़ रही है। इस कड़ी में नगर नियोजन योजना और भूमि संग्रहीकरण योजना के क्रियान्वयन से अब विकास प्राधिकरण अपने-अपने क्षेत्रों में भूमि बैंक बना सकेंगे। इस भूमि का उपयोग पर्वतीय क्षेत्रों में नई टाउनशिप विकसित करने में किया जाएगा। साथ ही सुनियोजित विकास पर भी प्राधिकरण ध्यान केंद्रित करेंगे। कैबिनेट ने हाल में ही इसके लिए उत्तराखंड नगर एवं ग्राम नियोजन तथा विकास अधिनियम में संशोधन का निर्णय लिया था। बुधवार को विधानसभा के बजट सत्र में सरकार ने इससे संबंधित विधेयक सदन में प्रस्तुत किया।
भूमि संग्रहीकरण की बना सकेंगे योजना
विधेयक में किए गए प्रविधानों के अनुसार विकास प्राधिकरण अपने अधीन क्षेत्रों में एक या इससे अधिक नगर नियोजन योजना और भूमि संग्रहीकरण की योजना बना सकेंगे। इसके तहत विकास प्राधिकरण किसानों अथवा अन्य व्यक्तियों की सहमति और समझौते के आधार पर भूमि खरीद सकेंगे। अभी तक टाउनशिप अथवा अन्य कार्यों के लिए प्राधिकरणों को भूमि अधिग्रहीत करनी पड़ती है, जिसमें उन्हें अधिक भुगतान करना पड़ता है। यह भी कहा गया है कि यदि किसी क्षेत्र में नई टाउनशिप विकसित की जानी है तो उसे सरकार प्राधिकरण का क्षेत्र घोषित करेगी। फिर वहां भूमि खरीद कर भूमि बैंक बनाया जाएगा और वहां नियोजित ढंग से कार्य कराए जा सकेंगे। इस पहल के पीछे सरकार की अवधारणा यही है कि पर्वतीय क्षेत्रों में नई टाउनशिप विकसित की जा सके।
मलिन बस्तियों को मिली राहत
उत्तराखंड के शहरी क्षेत्रों में स्थित मलिन बस्तियों के सुधार, विनियमितीकरण एवं पुनव्यवस्र्थापन के लिए सरकार ने पूर्व में इससे संबंधित अधिनियम में अध्यादेश के जरिये संशोधन कर इसकी अवधि तीन साल के लिए बढ़ा दी थी। यह अध्यादेश भी बुधवार को विधेयक के रूप में सदन में पेश किया गया। इसके अधिनियम बनने से राज्य में स्थित 500 से अधिक मलिन बस्तियों के निवासियों को राहत मिलेगी।
पूर्व विधायकों की पेंशन में बढ़ोतरी
पूर्व विधायकों की पेंशन में बढ़ोतरी से संबंधित उत्तराखंड राज्य विधानसभा (सदस्यों की उपलब्धियां और पेंशन) (संशोधन) विधेयक भी सरकार की ओर से सदन में रखा गया। इसके मुताबिक पूर्व विधायकों के लिए प्रथम वर्ष की पेंशन 40 हजार रुपये से बढ़ाकर 60 हजार रुपये करने का प्रविधान किया गया है। इसके बाद शेष वर्षों के लिए वार्षिक वृद्धि दो हजार से बढ़ाकर तीन हजार रुपये की गई है। इस प्रकार पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा करने पर विधायक को 72 हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन मिलेगी। विधायकों व पूर्व विधायकों को यह सुविधा भी दी गई है कि वे वर्ष के अंत में रेलवे कूपन के उपभोग के उपरांत अवशेष राशि नकद प्राप्त कर सकेंगे। विधायकों को मिलने वाले भत्तों में भी बढ़ोतरी की गई है। साथ ही वे 25 लाख रुपये का अग्रिम ऋण भी ले सकेंगे, जिसकी वापसी 10 वर्ष की समान मासिक किस्तों पर करनी होगी।
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