विनय उनियाल
चमोली/बद्रीनाथ : घृतकम्बल हेतु ज्योतिर्मठ की ओर से 235 वर्ष पुरानी परम्परा की पुनः शुरुआत की 1787 के बाद आज पूज्यपाद ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानंदः सरस्वती जी महाराज ने आज भगवान बदरीविशाल के शीतकालीन कपाट बन्द होते समय भगवान के विग्रह को घृत कम्बल हेतु शुद्ध गाय का घृत प्रदान किया गया है । मन्दिर के प्रशासक राजू चौहान को ये घृत ब्रह्मचारी सहजानन्द जी और मुकुन्दानन्द द्वारा ये समर्पित किया गया। तत्पश्चात दोपहर बाद निर्धारित समय पर शंकराचार्य की उपस्थिति में तीन बजकर पैतीस मिनट पर बद्रीनाथ धाम के कपाट शीतकालीन के लिए बन्द कर दिया गया। उक्त पल के साक्षी हजारों की संख्या में लोग उपस्थित लोग रहे। उक्त जानकारी ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती के मीडिया प्रभारी डाक्टर शैलेन्द्र योगी उर्फ योगीराज सरकार ने दी।
किच्चा और सिरौली कलां में 22 सितंबर को नगर निकाय चुनाव के लिए मतदान हुआ…
आकाशवाणी परिसर में दाखिल होने के बाद राहुल गांधी ने वहां से बाहर जाने से…
आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि वैश्विक स्तर पर बढ़ती चुनौतियों के कारण यह…
युवतियां रास्ते में कार खड़ी करके दुकान से सामान ले रही थीं, युवकों ने कार…
उत्तराखंड के कई जिलों में भूकंप आया है. जिससे लोगों में दहशत फैल गई. भूकंप…
हरदा इन दिनों अपनी यात्रा को लेकर चर्चा में हैं. खास बात है कि उनकी…