रिपोर्ट – विनय उनियाल
चमोली : जोशीमठ में बढ़ते भूस्खलन को लेकर जोशीमठ के लोग आंदोलनरत हैं। तथा प्रभावित लोगो को उचित पुनर्वास व मुआवजा दिए जाने की मांग कर रहे हैं।
शुक्रवार जोशीमठ बचाओ संघर्ष समिति के समर्थन में पूरा पैन खंडा सड़कों पर उतरा और हजारों की तादाद में सड़कों पर उतरे लोगों ने प्रदेश सरकार और एनटीपीसी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
एनटीपीसी गो बैक के पोस्टर हाथों में लेकर सड़कों पर उतरे लोगों ने प्रभावितों के उचित पुनर्वास एवं उनके भवनों की उचित मुआवजा राशि जल्द से जल्द मुहैया करवाने की मांग की। आक्रोशित लोगों का कहना है। कि जोशीमठ में भूस्खलन की घटना को 1 माह बीतने वाला है। पर अभी तक सरकार द्वारा राहत के नाम पर लोगो को सिर्फ राहत शिविरों में धकेला जा रहा है। उल्लेखनीय है, कि जोशीमठ में हो रहे भूस्खलन से निजात दिलवाने के लिए लोग बीते 27 दिनों से तहसील परिसर में धरना देकर सरकार से मांग कर रहे हैं। जिसके बाद अभी तक प्रभावितों के लिए कुछ धनराशि और राहत शिविरों में उनके रहने की और भोजन की व्यवस्था मात्र की गई है। जिससे लोग नाराज हैं लोगों का कहना है, कि समय रहते उनकी स्थाई व्यवस्था कर दी जाए। हजारों की तादाद में सड़कों पर उतरी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए नगर में भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया था। भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच लोगों ने नगर के इंटर कॉलेज तिराहे से वेद वेदांत विद्यालय तक शांतिपूर्ण ढंग से जुलूस प्रदर्शन किया।
वही जोशीमठ बचाओ संघर्ष समिति के संरक्षक अतुल सती, समीर डिमरी का कहना है कि जोशीमठ मे भस्खलन की घटना की जिम्मेदार सिर्फ एनटीपीसी है। और एनटीपीसी को वापस जाना ही होगा। कहा कि जब तक सरकार हमारी मांगो को नही मानती है। तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
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