रिपोर्ट – अरविन्द थपलियाल
उत्तरकाशी : चारधामों में सीमित संख्या की बाध्यता और ऑनलाइन पंजीकरण समाप्त हो और उत्तराखंड मूल के स्थानीय लोगों के लिए पंजीकरण की व्यवस्था खत्म हो, चारों धाम में श्रदालुओं को दर्शन की
स्वतंत्रता होनी चाहिए और अधिक से अधिक धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना चाहिए इसके लिए आज यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के मुख्य पड़ाव बड़कोट और उत्तरकाशी में इस फैसले के विरोध में यमुनोत्री और गंगोत्री धाम से जुड़े सभी होटल स्वामियों, टैक्सी संघ, दुकानदार, और घोड़े खच्चर मालिक और तमाम व्यवसायियों जनमानस ने पूरे बड़कोट और उत्तरकाशी बाजार में जुलूस प्रदर्शन किया और उसके बाद धामी और सतपाल महाराज का पुतला दहन कर नारेबाजी की गई।
स्थानिय व्यापारीयों और होटल व्यवसायों ने बताया कि धामी सरकार ने यदि इस फैसले को वापिस नही किया तो इसके खिलाफ और उग्र आंदोलन किया जाएगा और 22 अप्रैल को सभी यमुनाघाटी के होटल स्वामी अपने अपने होटलों पर तालाबंदी करेंगे, जिसके लिए यात्रियों की असुविधा की समस्त जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।
आंदोलन में यमुनाघाटी होटल एसोशिएशन अध्यक्ष सोबन सिंह राणा, महाबीर पंवार माही,जयपाल सिंह रावत, अध्यक्ष टैक्सी संगठन नरेश रमोला, अध्यक्ष यमुनोत्री टैक्सी संघ अजय चौहान, राकेश रावत, सरत चौहान, अनिल चौहान, दीपिन राणा, जसपाल परमार, मनमोहन चौहान,राजेश उनियाल, अभिषेक उनियाल, रोबिन, पुरूषोतम, नरेश, भजन, प्रदीप डिमरी आदि सैकड़ों स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
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