रेफर सेंटर बना जोशीमठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र।

रिपोर्ट – विनय उनियाल

चमोली : जोशीमठ चार धाम यात्रा पड़ाव का एक मात्र सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मात्र रेफर सेंटर बन कर रह गया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जोशीमठ मे मरीज उपचार के आता तो है। लेकिन अव्यवस्थाओं के चलते उसे दूसरे जगह रेफर कर दिया जाता है।
बता दे कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जोशीमठ बद्रीनाथ धाम यात्रा पड़ाव का अंतिम स्वास्थ्य केंद्र है। यहाँ से बद्रीनाथ, हेमकुंड साहिब जाने वाले श्रद्धालु यात्रा करते है। लेकिन जोशीमठ स्वास्थ्य केंद्र खुद ही वेंटिलेटर पर है। कई बार सूबे के स्वास्थ्य मंत्री सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण भी कर चुके है। लेकिन फिर भी हालात जस के तस बने हुए है। इससे साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि उत्तराखंड का स्वास्थ्य महकमा काम के प्रति कितना गंभीर है। एक ओर जोशीमठ अभी आपदा से जूझ रहा है। तो दूसरी ओर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खुद वेंटिलेटर पर पड़ा हुआ है। यहाँ न समय पर दवाई मिलती है। और न ही समय पर कोई उपचार मरीजो को मिल पाता है। मरीज के पंहुचते ही रेफर कर दिया जाता है। मंगलवार देर थैंग मोटर मार्ग पर देर शाम एक वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। लेकिन घटना स्थल पर न तो समय से स्वास्थ्य विभाग की एम्बुलेंस पहुँच पाई और न ही 108 सेवा जिससे दो लोगो को अपनी जान भी गवानी पड़ी। अगर समय रहते एम्बुलेंस घटना स्थल पर पहुँच जाती और उन्हें समय पर उपचार मिल जाता तो उन दो लोगो की जान बच सकती थी। अब प्रश्न यह उठता है कि आखिर इन सबका दोषी कौन?
वही चमोली जिले का जिला स्वास्थ्य केंद्र गोपेश्वर के हाल भी है। देर रात जोशीमठ से घायल मरीजो को जिला अस्पताल रेफर किया था। लेकिन रात को डॉक्टरों व स्टाफ के न होने के चलते मरीजो को जमीन पर लेट कर डॉक्टरों का इंतजार भी करना पड़ा। जिला चिकित्सालय गोपेश्वर मे बड़े बड़े अधिकारी बैठते है। ऐसे मे डॉक्टरों व स्टाफ का अस्पताल मे न होना कही न कही स्वास्थ्य विभाग पर प्रश्न चिह्न खड़े करता है। वही जिला अस्पताल के अधिकारी सवालों से बचते नजर आए।

सभासद रविग्राम समीर डिमरी ने कहा –

जोशीमठ का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एक रेफर सेंटर बनकर रह चुका है। बीमार मरीजो को अस्पताल पहुँचते ही अन्य जगह रेफर कर दिया जाता है। जबकि जोशीमठ चारधाम यात्रा पड़ाव होने के कारण अति संवेदनशील है।

 

नगर पालिका जोशीमठ के अध्यक्ष शैलेन्द्र पंवार ने कहा –

कल हुई वाहन दुर्घटना के बाद आज मरीजो का हाल जानने आया था तो देखा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थिति बहुत खराब है। सरकार इस पर गंभीर नही है।

 

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