मसूरी के इतिहास को बिगाड़ने और लोकधन की फिजूलखर्ची का लगाया आरोप, मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन।

मसूरी : मसूरी नगर पालिका परिषद प्रतिनिधियों पर राजनैतिक लाभ पाने के लिए मसूरी के स्थापना के इतिहास को बिगाड़ने और लोकधन की फिजूलखर्ची का आरोप लगाते हुए मसूरी बचाओ संघर्ष समिति ने एक बैठक कर कड़ी निन्दा की है। और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर संज्ञान लेने का अनुरोध किया है। ज्ञापन में कहा गया है कि इतिहासकारों गणेश शैली और गोपाल भारद्वाज तथा दस्तावेजों के अनुसार कैप्टन यंग द्वारा मसूरी की स्थापना 1827 में की गई थी जिसके अनुसार मसूरी के स्थापना के 200 वर्ष 2027 में पूर्ण होंगें। मसूरी के वास्तविक स्थापना दिवस को समिति द्वारा आगामी वर्षों में 2025 से 2027 में मनाया जाएगा।


ज्ञापन देने वालों में समिति के संयोजक जय प्रकाश राणा, राज्य आंदोलनकारी कमल भंडारी, आर. पी. बड़ोनी, बिल्लू वाल्मिकी, हरपाल खत्री, मो 0 शारिक, विशेश्वर जुयाल, सुनील पंवार, पवन रावत, गगन राणा नफीश बानो आदि शामिल रहे।

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