स्वच्छता के बिना कैसे होगा पर्यावरण दिवस, पर्यावरण दिवस के नाम पलीता।

रिपोर्ट – अरविन्द थपलियाल

उत्तरकाशी : एक तरफ प्रदेश से लेकर समुचे भारत में विश्व पर्यावयण दिवस के नाम फोटे सेशन हो रहा है और वृक्षारोपण हो रहा है दूसरी ओर हमारा पर्यारवरण गंगा के उद्गगम स्थान से पर्यावरण दूषित की खबरें आ रही हैं।
सोमवार को विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर जनपद उत्तरकाशी में सरकारी और गैर सरकारी विभागों संस्थाओं ने वृक्षारोपण सहित स्वच्छता अभियान चलाया और विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर जागरूकता रैलीयां भी निकाली गयी।

पर्यावरण दिवस के मौके उत्तरकाशी से एक तस्वीर सामने आई जो पर्यवारण दिवस को लेकर प्रश्न चिन्ह खडे़ कर रही है। समासेवी अमीरीकन पुरी ने बताया कि सरकार का स्लच्छ मिशन योजना हो या पर्वारण दिवस पर खर्च होने वाला लाखों रूपये यह सिर्फ जनता की जेब काटने के अलावा और कोई दूसरा काम नहीं कर रहा है। पूरे ने बताया कि उत्तरकाशी में भागीरथी में टनों के हिसाब से कुडा़ कचरा और गंदगी जमी है और हमारा सिस्टम लगातार स्वच्छता मिशन का ढोल पीट रहा है। पर्यावरण दूषित क्या तांबाखानी में सेकडो़ टन कुडे़ से नही हो रहा है? तांबाखानी सुरगं के पास का कुडा़ सरकार और सिस्टम के सभी दावों की पोल खोल रहा है, इस बात को लेकर कि आखिर प्रधानमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट स्वच्छ भारत मिशन काशी नगरी में क्या संदेश दे रहा है। पर्यावरण दिवस को लेकर जानकार बता रहे हैं कि यह दिवस फोटो सेशन तक ही सिमित ना रहे जब हमारा वातावरण स्वच्छ साफ होगा तो पर्यावरण भी दूषित नही होगा अब उत्तरकाशी में ही गंगा मैली हो रही है तो सिस्टम को कठघरे में खडा़ करने में कोई संकोच नहीं होगा।

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