टिहरी गढ़वाल : बंगसील देवल सारी स्थित भगवान कोनेश्वर महादेव के प्राचीन मंदिर में सावन के पहले सोमवार पर सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा लोगों ने त्रिलोकी नाथ के शिव लिंग में जला भिषेक कर विश्व शांति की कामना की।
पहाड़ों की रानी मसूरी से सट्टे जौनपुर विकास खंड के बंगसील देवलसारी स्थित भगवान कोनेश्वर महादेव के मंदिर में सावन की संक्रांत व प्रथम सोमवार पड़ने के कारण बड़ी तादात में श्रद्धालुओं का आवागमन लगा रहा , दूर दराज से लेकर समिपी गांव के लोगो ने मंदिर के गर्भा ग्रह में पूजा अर्चना कर भगवान त्रिलोकी नाथ के शिव लिंग में जलाभिषेक कर सुख सम्पदा को कामना की। आचार्य रमेश्वर प्रसाद कोठारी के मुताबिक सावन की संक्रांत का सोमवार को होना एक शुभ मुहर्ट माना जाता है ऐसा सयोंग कम ही बनता है उन्होंने बताया कि बंगसील देवल सारी के प्राचीन मंदिर का इतिहास एक सत्यता का प्रतीक है। समतल व सीढ़ीनुमा खेत में घने देवदार के वृक्षों के मध्य भगवान त्रिलोकी नाथ कोनेश्वर महादेव नाम से विराजमान है, जहां पर आकर हर भक्तों की मनोकामना पूरी होती है, उन्होंने बताया कि उत्तराखंड के अधिकांश स्थानों में नाग देवता कि पूजा होती है, जबकि बंगसील देवलसारी में भगवान शंकर की पूजा कोनेश्वर महादेव के रूप में की जाती है, इस मौके पर बीरेंद्र दत्त नौटिीयाल, अनिल कोठारी, प्रेम सिंह राणा, चन्द्र सिंह रावत, गोबिंद सिंह राणा, सहित बड़ी संख्या में महिला व पुरुष श्रद्धालु माउजद रहे।
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