नैनीताल : आपदा से बचाव एवं आपदा के प्रभावों को कम करने का सबसे सरल व महत्वपूर्ण साधन आपदा के प्रति सावधानी एवं जागरूकता के साथ ही आपदा के घटित होने पर समय से मदद पहुॅचना है। इस हेतु जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल से प्राप्त निर्देशों के क्रम में जनपद के 10 विद्यालयों में आपदा प्रबन्धन एवं क्षमता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। यह जानकारी देते हुए जिला आपदा प्रबन्धन अधिकारी शैलेष कुमार ने बताया कि इसके अन्तर्गत जीआईसी नैनीताल में दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में विद्यार्थियों को आपदा प्रबन्धन विषय की जानकारी, खोज एवं बचाव, स्ट्रेचर बनाना, सुरक्षित विकास, प्राथमिक सहायता, भूकम्प एवं विभिन्न प्रकार की आपदाओं के समय बरती जाने वाली सावधानियों, कोरोना से बचाव एवं जागरूकता आदि के सम्बन्ध में व्याख्यान और डेमोस्ट्रेशन विधि द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण मास्टर ट्रेनर नवीन चन्द्र, सहायक कन्सलटेण्ट सुमित जोशी द्वारा किया गया।
जिला आपदा प्रबन्धन अधिकारी शैलेष ने बताया कि आगामी 17 से 16 सितम्बर को जीआईसी भवाली, 17 व 18 को जीआईसी खैरना, 20 व 21 को जीआईसी रातिघाट, 22 व 23 सितम्बर को जीआईसी रामगढ़, 24 व 25 सितम्बर को जीआईसी नथुवाखान, 27 व 28 सितम्बर को जीआईसी कोटाबाग, 30 सितम्बर व एक अक्टूबर को जीआईसी कालाढुंगी में प्रशिक्षिण एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जीआईसी नैनीताल व जीजीआईसी खुर्पाताल में शिविर आयोजित किये जा चुके हैं।
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