देहरादून : देहरादून के विभिन्न क्षेत्रों में गुलदार द्वारा बच्चों पर आक्रमण करने की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रमुख सचिव वन आर. के सुधांशु को निर्देश दिये कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कार्ययोजना पर कार्य करें। मुख्यमंत्री ने सचिवालय में बैठक लेते हुए कहा कि इस तरह की घटनाओं को रोकने में लापरवाही बरतने वाले वन विभाग के अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई भी की जाए। गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाये जाएं और रात्रि गश्त की जाय। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जिन क्षेत्रों में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं हो रही है, उन क्षेत्रों में वन विभाग को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखा जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मानव वन्यजीव संघर्ष में मृत्यु होने पर मृतक के परिवारजनों को आर्थिक सहायता के रूप में प्रदान की जाने वाली अनुग्रह राशि को 04 लाख रूपये से बढ़ाकर 06 लाख रूपये करने का प्रस्ताव जल्द लाया जाए। उन्होंने कहा कि नये वाइल्ड लाईफ रेस्क्यू सेंटर भी बनाये जाएं। वाइल्ड लाइफ में धारण क्षमता से अधिक जानवर होने की स्थिति में यदि अन्य राज्यों से जानवरों की डिमांड आ रही है, तो इसकी भी डिटेल रिपोर्ट बनाई जाए।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, प्रमुख वन संरक्षक, वन्यजीव डॉ. समीर सिन्हा उपस्थित रहे।
देहरादून। उत्तराखंड पत्रकार संगठन समन्वय समिति के संयोजक एवं पहाड़ों की गूंज के संपादक जीतमणि…
भारी बारिश से नैनीझील का जलस्तर करीब 10 फीट बढ़ गया है. जिसके बाद सिंचाई…
सरस मेले का उद्घाटन रामनगर विधायक दीवान सिंह बिष्ट, नगर पालिका अध्यक्ष मोहम्मद अकरम और…
उत्तराखंड में भारी बारिश का दौर जारी है. भारी बारिश से भूस्खलन की घटनाएं बढ़…
रुड़की में सड़क हादसे में तीन युवकों की मौत हो गई, जबकि 6 युवक गंभीर…
राजधानी देहरादून में भारत-नेपाल के अधिकारियों की बैठक संपन्न हो गई है, जिसमें कई मुद्दों…