मसूरी : उपजिला चिकित्सालय में आस संस्था ऋषिकेश ने क्षय रोग से ग्रस्त बीस से अधिक रोगियों को पोषाहार दिया गया। इस मौके पर रोगियों को अवगत कराया गया कि यह रोग छूत वाला नहीं है और न ही इससे घबराने की कोई जरूरत है। वहीं इस मौके पर रोगियों की शंकाओं को दूर किया गया।
उपजिला चिकित्सालय में आस संस्था के तत्वाधान में आयोजित कार्यक्रम में क्षय रोग से ग्रसित 20 से अधिक रोगियों को पोषाहार दिया गया। इस मौके पर आस संस्था की सचिव हेम लता ने कहा कि टीवी मुक्त भारत अभियान के तहत आस संस्था टीबी रोगियों के बीच कार्य कर रही है वहीं उत्तराखंड टीबी मुक्त हो इसका प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन रोगियों को समाज से सहयोग व पोषाहार के साथ ही रोग से मुक्ति का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहाकि अब टीवी भेदभाव वाला रोग नहीं है केवल मास्क लगाये ताकि वह सुरक्षित रहे व दूसरों को भी सुरक्षित रखें इस रोग मेें अलग बर्तन रखने की भी जरूरत नहीं है, इसके लिए टीबी रोगियों के साथ मिलकर रहना चाहिए उनको प्रोत्साहित करना चाहिए। उन्होंने समाज व समाज के प्रबुद्ध नागरिकों का आहवान किया कि वे टीबी रोगियों को अंगीकृत करें व उनके पोषाहार की व्यवस्था करें। ताकि उनको सहारा मिल सके। इस मौके पर उप जिला चिकित्सालय के चिकित्साधीक्षक डा. यतेंद्र सिंह ने कहा कि टीबी रोगियों को हर संभव अस्पताल व समाज की ओर से सहयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब टीबी गंभीर रोग नहीं है इसका उपचार है व इस बीमारी से ग्रसित लोगों को दवाइयां समय से दी जा रही हैं, उनको पोषाहार दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि टीबी की दवाइयों में अच्छा आहार लेना जरूरी है ताकि उनकी इम्यूनिटी अच्छी रहे व रोग से लड़ने की क्षमता बढे। उन्होंने इस मौके पर रोगियों के भ्रम को दूर करने का प्रयास किया कि यह रोग छुआछूत का नहीं है लेकिन दवा लगातार लेनी है एक दिन भी नहीं छोडना है दवा खाना न भूलें इसके लिए पूरी सतर्कता बरते। उन्होंने कहाकि इसी तरह अगर अभियान जारी रहा तो भारत शीघ्र टीबी मुक्त होगा। ऐसे रोगियों को प्रोत्साहित करने के लिए चैंपियन वालियंटर भी बनाये जा रहे है ताकि रोगियों को प्रोत्साहित किया जा सके।
इस मौके पर आस संस्था की स्वयं सेवक संजोगिता, रितिका नेगी, एसटीएस बृहस्पति कोटियाल, विमल बिष्ट, संजय, अमृता पांडे आदि मौजूद रहे।
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