देहरादून : उत्तराखण्ड में प्रस्तावित 38वें राष्ट्रीय खेल की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिये कि राष्ट्रीय खेलों की सभी तैयारियां सितम्बर तक पूर्ण करते हुए इस आयोजन को 2024 में कराने के लिए भारतीय ओलंपिक संघ से अनुमति की प्रक्रिया जल्द पूर्ण की जाए। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय खेलों के आयोजन से राज्य को खेल, साहसिक पर्यटन और अपनी सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक पहचान दिलाने का सुनहरा अवसर होगा। यह सुनिश्चत किया जाए कि देशभर से आने वाले खिलाड़ी एवं खेल गतिविधियों से जुड़े लोग देवभूमि उत्तराखण्ड से अच्छा संदेश लेकर जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय खेलों के लिए शहरी क्षेत्रों के अलावा पर्वतीय जनपदों में भी खेलों के लिए उपयुक्त स्थल चुने जाएं। यह सुनिश्चत किया जाए कि उत्तराखण्ड में होने वाले राष्ट्रीय खेलों में सभी व्यवस्थाएं उच्च स्तरीय हों। विभिन्न स्थलों पर आयोजित होने वाले खेलों के लिए अवस्थापना संबंधी सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित तरीके से की जाए। राज्य के प्रचलित परंपरागत खेलों को 38 वें राष्ट्रीय खेलों में जोड़ने के लिए आवश्यक कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि खेलों की आयोजन व्यवस्था में आवश्यक वित्तीय सहयोग के लिए प्रतिष्ठित औद्योगिक संस्थानों से सी.एस.आर. के तहत वित्तीय सहयोग लिया जाए। राष्ट्रीय खेलों की बेहतर तैयारियों के लिए खेल मंत्री प्रत्येक सप्ताह समीक्षा करेंगी। मुख्यमंत्री स्वयं भी समय समय पर इसकी समीक्षा करेंगे। मुख्यमंत्री ने बैठक में निर्देश दिये कि हल्द्वानी में स्थापित होने वाले खेल विश्वविद्यालय के निर्माण से संबंधित कार्यवाही जल्द पूर्ण की जाए।
बैठक में खेल मंत्री रेखा आर्या, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, सचिन कुर्वे, एच.सी. सेमवाल, खेल निदेशक जितेन्द्र कुमार सोनकर एवं खेल विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
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