मसूरी : मजदूर संघ आगामी 24 अगस्त को शहीद स्थल पर सिफन कोर्ट से बेघर हुए मजदूरों के चार साल पूरा होने पर शोक दिवस मनायेगा व उपवास रखा जायेगा।
मजदूर संघ के अध्यक्ष रणजीत चौहान व महामंत्री संजय टम्टा ने बताया कि पुरूकुल रोपवे के नाम पर सिफन कोर्ट में रह रहे 84 परिवारों को कोरोना काल में शासन प्रशासन ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में खाली करवा दिया गया था जिनका आज तक विस्थापन नहीं हो पाया। जिसके विरोध में मजदूर संघ सिफन कोर्ट के मजदूरों को बेघर होने के चार साल पूरा होने पर शोक दिवस मनायेगा व उपवास रखा जायेगा। उन्होंने कहा कि यह मसूरी के मजदूरों के लिए काला दिन है जब कोरोना के समय मजदूर परिवारों को बेघर किया गया व वे कई दिनों तक लाइब्रेरी बस स्टैण्ड पर टैैट लगा कर ठंड में रहे व कई लोगों को धर्मशालाओं में रखा गया लेकिन दुःख की बात है कि आज तक उनको आवास नहीं मिले जब कि विधायक व मंत्री गणेश जोशी, नगर पालिका ने लिखित आश्वासन दिया था वहीं प्रदेश के मुख्यमंत्री व मंत्री गणेश जोशी ने आईडीएच में नगर पालिका की भूमि पर हंस फाउंडेशन के माध्यम से आवास बनाने का शिलान्यास भी किया था, लेकिन उसके बाद भी कुछ नहीं हुआ। उन्होंने कहाकि हर वर्ष सिफन कोर्ट के मजदूर 24 अगस्त को काला दिवस मनाते है उसी कडी में इस वर्ष भी शहीद स्थल पर काला दिवस शोक दिवस के रूप में मनायेगे व सिफन कोर्ट के सभी मजदूर उपवास रखेंगे।
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