बच्चों के बीच हैंड फुट माउथ डिजीज (एचएफएमडी) तेजी से फैल रही है। बुखार गले में दर्द और शरीर पर फफोले इसके मुख्य लक्षण हैं। बाल रोग विशेषज्ञों का कहना है कि यह कॉक्ससैकी वायरस से होता है और तेजी से फैलता है इसलिए बचाव जरूरी है। स्कूलों ने भी अभिभावकों से सतर्क रहने की अपील की है और लक्षण दिखने पर डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी है।
शहर में छोटे बच्चों के बीच हैंड, फुट, माउथ डिजीज (एचएफएमडी) तेजी से फैल रही है। बुखार, गले में दर्द और शरीर पर फफोले जैसे लक्षणों के साथ यह बीमारी बच्चों को परेशान कर रही है।
बाल रोग विशेषज्ञों का कहना है कि यह बीमारी कॉक्ससैकी वायरस से होती है और एक बच्चे से दूसरे में बहुत तेजी से फैल जाती है। यही वजह है कि अस्पतालों में रोजाना इसके मरीज बढ़ रहे हैं और कई स्कूलों ने भी अभिभावकों के लिए सर्कुलर जारी किया है।
वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विशाल कौशिक के अनुसार अगर बच्चे को लगातार बुखार बना रहे, दाने और फफोले बढ़ते जाएं या बच्चा खाना-पीना छोड़ दे, तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। समय रहते इलाज होने पर यह बीमारी 6-7 दिनों में ठीक हो जाती है और जटिलता का खतरा नहीं रहता।
शहर के कई निजी स्कूलों ने अभिभावकों को सर्कुलर भेजकर अपील की है कि अगर बच्चे में बुखार, छाले या दाने जैसे लक्षण दिखें तो उसे स्कूल न भेजें। विशेषज्ञों का कहना है कि एक संक्रमित बच्चा कई अन्य बच्चों को संक्रमित कर सकता है, इसलिए रोकथाम बेहद जरूरी है। बताया कि छह साल से कम उम्र के बच्चे एचएफएमडी की चपेट में जल्दी आते हैं। वयस्कों में इसके फैलने की संभावना बहुत कम रहती है।
प्रदेश सरकार की विफलताओं, प्रत्येक स्तर पर व्याप्त व्यापक भ्रष्टाचार एवं जनविरोधी नीतियों के विरोध…
राजधानी देहरादून में भरे बाजार में दिन दहाड़े सनसनीखेज वारदात हुई है। यहां सोमवार को…
तेज की जाए पदक विजेताओं को नौकरी देने की प्रक्रिया : रेखा आर्या खेल मंत्री…
देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल ने 'प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा' के तहत आर्थिक रूप से कमजोर और…
शिक्षा व्यवस्था का सशक्त माध्यम बना विद्या समीक्षा केन्द्र तकनीक व डेटा विश्लेषण के जरिये…
देहरादून 31 जनवरीl संत शिरोमणि कवि गुरु रविदास जी की 649वीं जयंती पर भाजपा प्रदेश कार्यालय…