जासं, अल्मोड़ा। चौखुटिया क्षेत्र की जर्जर स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर चल रहा “ऑपरेशन स्वास्थ्य आंदोलन” आठवें दिन भी जारी रहा। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की ओर से लिखित आश्वासन मिलने के बावजूद आंदोलनकारियों ने धरना समाप्त करने से साफ इंकार कर दिया। उनका कहना है कि जब तक धरातल पर कार्य शुरू नहीं हो जाता, आंदोलन जारी रहेगा।
गुरुवार को आंदोलन के तहत भूपाल सिंह बोरा, पार्वती मिश्रा और दिनेश पालीवाल ने आमरण अनशन शुरू किया। इनके अलावा दो लोगों ने मौन सत्याग्रह और 15 आंदोलनकारी क्रमिक अनशन पर बैठे। आंदोलन स्थल पर सुबह से ही बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी जुटे रहे। वक्ताओं ने कहा कि सीएचसी चौखुटिया की हालत वर्षों से बदहाल है। न तो विशेषज्ञ चिकित्सक हैं और न ही पर्याप्त सुविधाएं। मरीजों को मामूली जांच के लिए भी अल्मोड़ा या रानीखेत भेजा जाता है।
आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि शासन और विभाग सिर्फ आश्वासन देकर जिम्मेदारी से बचना चाहता है। उन्होंने कहा कि जब तक सीएचसी का उच्चीकरण, चिकित्सकों की तैनाती और आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता शुरू नहीं हो जाती, वे पीछे नहीं हटेंगे। मौके पर शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
आंदोलनकारी हीरा सिंह पटवाल ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वे स्वयं को गोली मार लेंगे। इस बयान के बाद पुलिस सतर्क हो गई है। पटवाल पर लगातार नजर रखी जा रही है और आंदोलन स्थल पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासनिक अधिकारी लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।
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