भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह डोली ने शुक्रवार सुबह 10:30 बजे भनकुन गुफा से मक्कूमठ के लिए प्रस्थान किया। इससे पूर्व छह नवंबर को बाबा तुंगनाथ के कपाट शीतकाल के लिए विधिवत बंद किए गए थे। कपाट बंद होने के बाद डोली रात्रि प्रवास के लिए चोपता पहुंची थी और शुक्रवार देर शाम भनकुन पहुंची।
राक्षी नदी में स्नान के पश्चात चल विग्रह डोली दोपहर दो बजे सैकड़ों भक्तों के साथ मक्कूमठ मंदिर परिसर पहुंची। श्रद्धालुओं के जयकारों के बीच डोली को मंदिर परिसर स्थित सभामंडप में विराजमान किया गया।
इस दौरान मठाधीश राम प्रसाद मैठाणी की उपस्थिति में पंचपुरोहित रेवाधर मैठाणी, प्रकाश मैठाणी, अतुल मैठाणी, मुकेश मैठाणी, विनोद मैठाणी और चंद्रप्रकाश मैठाणी सहित अन्य पुरोहितों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ भगवान तुंगनाथ की भोग मूर्तियों की पूजा-अर्चना कर आरती उतारी। इसके बाद भोग मूर्तियों को गर्भगृह में शीतकालीन पूजा-अर्चना हेतु विराजमान किया गया।
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