नंदा सिद्धपीठ कुरुड़ में वसंत पंचमी पर बड़ी नंदा जात 2026 की तैयारियों का संकल्प लिया गया। इस दौरान भजन-कीर्तन व लोकगीतों की छटा बिखरी। बधाण और दशोली की डोलियों के लिए 2026 की नंदा देवी जात का विस्तृत कार्यक्रम जारी किया गया है। वाण गांव में हुई बैठक में नंदा राजजात को पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न कराने और प्रशासनिक सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
नंदा सिद्धपीठ कुरुड़ में वसंत पंचमी पर बड़ी नंदा जात आयोजन समिति के कार्यक्रम में भजन-कीर्तन की छटा बिखरी।
इस दौरान कुरुड़ नंदा मंदिर समिति ने इसी वर्ष पांच सितंबर से प्रस्तावित बड़ी नंदा देवी जात की तैयारियों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
लोकगायक दर्शन सिंह फर्स्वाण ने मां नंदा के जागरों की प्रस्तुति दी, जबकि महिला मंगल दलों ने भी झुमैलो व जागर गीतों का गायन किया।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, क्षेत्र पंचायत प्रमुख हेमा देवी, अशोक सती, दर्शन रावत आदि मौजूद रहे।
उधर, नंदा देवी मंदिर में नौटी में शुक्रवार सुबह देवी पाठ के साथ हवन-यज्ञ शुरू हुआ। इससे पूर्व, महिला मंगल दलों ने मुख्य बाजार से मंदिर परिसर तक भव्य कलश यात्रा निकाली। उन्होंने भजन-कीर्तन और देवी जागर में भी भाग लिया।
वहीं, कांसुवा से राज छंतोली को लेकर पहुंचे राजवंशी डा. राकेश कुंवर व भूपेंद्र सिंह कुंवर ने मंदिर में पूजा-अर्चना की। फिर राजवंशी कुंवर व पुरोहितों ने राज छंतोली और लाटू देवता के निसाण (प्रतीक) को शैलेश्वर मंदिर पहुंचाया।
वहीं, गुरुवार रात आयोजित सांस्कृतिक संध्या में लोकगायक सौरभ मैठाणी व विवेक नौटियाल के लोकरंग व भजनों की छटा बिखेरी। दूसरी ओर, कांसुवा गांव में नंदा देवी मूर्ति स्थापना का कार्यक्रम विधि-विधानपूर्वक संपन्न हुआ।
संवाद सूत्र, जागरण, देवाल। वाण गांव में नंदा राजजात को लेकर आयोजित बैठक में परंपरा के अनुष्ठान संपन्न कराने की बात कही गई। तय हुआ कि नंदा राजजात अपनी मूल परंपरा, धार्मिक आस्था और रीति-रिवाजों के अनुसार ही संपन्न कराई जाएगी।
ग्राम प्रधान नंदूली देवी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कई प्रस्ताव पारित किए गए। कहा गया कि नंदा राजजात जैसे ऐतिहासिक एवं विशाल आयोजन के लिए शासन-प्रशासन और सरकार का सहयोग अनिवार्य है।
कहा गया कि कनोल व सुतोल गांव के बीच वर्ष 1987 की राजजात से चले आ रहे विवाद का जिला प्रशासन की देख-रेख में समाधान होना चाहिए।
बैठक में क्षेत्र पंचायत सदस्य हेमा देवी, नंदा राजजात पड़ाव अध्यक्ष हीरा सिंह गढ़वाली, युवक मंगल दल अध्यक्ष देवेंद्र सिंह, नंदा राजजात के सचिव हीरा सिंह पहाड़ी, ईको टूरिज्म समिति के अध्यक्ष त्रिलोक सिंह बिष्ट, महिला मंगल दल अध्यक्ष नंदी देवी, बाजार संघ अध्यक्ष हीरा सिंह बुग्याली, अवतार सिंह, गोपाल सिंह, बीना देवी, देवकी देवी, पान सिंह बिष्ट, खड़क सिंह बिष्ट, खिलाफ सिंह बिष्ट, महिपद सिंह बिष्ट, मंदिर समिति के अध्यक्ष कृष्णा सिंह बिष्ट आदि ग्रामीण मौजूद रहे।
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