ऑफ सीजन में बंद रहने वाले होटल रेस्त्रां को बड़ी राहत मिली है। कम बिजली खर्च की तो बिल भी कम आएगा। पहली बार नियामक आयोग ने ऑफ सीजन में कम लोड फैक्टर पर राहत दी है।उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने ऑफ सीजन में बंद रहने वाले होटल व रेस्त्रां मालिकों को बड़ी राहत दी है। अब ऑफ सीजन में कम बिजली खर्च करने पर उन्हें कम बिल भरना होगा। आयोग के अध्यक्ष एमएल प्रसाद ने बताया कि अगर ऑफ सीजन में कोई होटल या रेस्त्रां का मालिक अपने कुल लोड के मुकाबले 10 प्रतिशत तक बिजली खर्च करता है तो उसे उसी हिसाब से कम लोड का फिक्स चार्ज देना होगा। इससे बिजली का बिल घट जाएगा।आयोग ने ऑफ सीजन की अवधि एक नवंबर से 31 मार्च के बीच मानी है। इस अवधि के दौरान अगर किसी माह 10 प्रतिशत से अधिक लोड की खपत हुई तो पुराने यानी पूरे कनेक्शन के हिसाब से ही बिल आएगा। अगले महीने खपत 10 प्रतिशत से नीचे आने पर फिर कम बिल हो जाएगा। इससे खासतौर से पहाड़ के उन होटल, रेस्त्रां मालिकों को राहत मिलेगी, जिनका काम ऑफ सीजन में लगभग बंद या न्यूनतम रहता है। हालांकि यह छूट प्रदेशभर में एक साथ लागू की गई है।
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