किच्छा की नई मंडी में गेहूं खरीद शुरू न होने से किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। मौके पर पहुंचे विधायक तिलक राज बेहड़ ने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई और किसानों के साथ दो घंटे तक धरना दिया।
किच्छा में नई मंडी के गेहूं क्रय केंद्र पर खरीद न होने से विधायक तिलक राज बेहड़ मंडी पहुंचे और उन्होंने एसएमओ सहित वहां मौजूद हर अधिकारी और कर्मचारी को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने अपना आपा खोते हुए कहा कि क्रय केंद्र पर सारे चोर बैठाए गए हैं। उन्होंने केंद्र प्रभारी सीमा रावत से कहा कि अगर किसानों को परेशानी हुई तो आरएमओ, एसएमओ, आरएफसी और खरीद केंद्र पर तैनात हर अधिकारी को किसानों से जूतों से पिटवाऊंगा और जूतों की माला पहनाऊंगा। बेहड़ ने खरीद केंद्र पर दो घंटे तक धरना दिया। इस दौरान किसानों ने विधायक के साथ मिलकर आरएफसी का पुतला फूंका और नारेबाजी की।
सबसे पहले विधायक बेहड़ ने मंडी पहुंचकर गेहूं खरीद की जानकारी ली। केंद्र प्रभारी सीमा रावत ने बताया कि पोर्टल न चलने के कारण खरीद शुरू नहीं हो पा रही है। इस पर विधायक ने एसएमओ ओम नारायण मिश्रा को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने आरोप लगाया कि एसएमओ मिश्रा के खिलाफ धान खरीद में अनियमितताओं की शिकायत की गई थी। आयुक्त ने मामले की जांच के आदेश भी दिए थे। विधायक ने कहा कि जांच के कागजात दबाकर उन्हें एक बार फिर खरीद केंद्र पर तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि यहां कमीशन का खेल चल रहा है। आरएफसी से लेकर एसएमओ तक सब इसमें शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि आरएफसी से लेकर एसएमओ से लेकर खरीद केंद्र पर तैनात हर कर्मचारी किसानों का नौकर है, लेकिन इन्होंने किसानों को अपना नौकर समझ लिया है। इसके बाद वे किसानों और अन्य लोगों के साथ धरने पर बैठ गए। मंडी में घंटों तक हंगामा चलता रहा। एसएमओ को हटाने की मांग
धरने की सूचना मिलने पर डिप्टी आरएमओ अशोक कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने विधायक को आश्वासन दिया कि शाम तक गेहूं खरीद शुरू हो जाएगी। इस आश्वासन के बाद विधायक बेहड़ धरने से उठ गए। बाद में विधायक ने डिप्टी आरएमओ अशोक कुमार से एसएमओ ओम नारायण को तत्काल हटाने की मांग की। इस विरोध प्रदर्शन में लक्ष्मण दास खुग्घर, मिस्वाल कुरेशी, मेजर सिंह, गुलशन सिंधी, दलीप बिष्ठ, राम बाबू, मो. ताहिर आदि मौजूद रहे।
किसानों को फसल जलने का डर किच्छा। विधायक तिलक राज बेहड़ ने कहा कि किसानों को फसल में आग लगने का डर, फसल की चोरी का डर, खरीद न होने का डर सता रहा है। इसके बावजूद प्रदेश के मुख्य सचिव, आयुक्त व जिलाधिकारी का किसानों की सुध न लेना वास्तव में बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। कहा कि सरकार किसानों की सुध नहीं ले रही। प्रदेश स्तर के अधिकारियों को एम्स व एयरपोर्ट की तो चिंता है लेकिन गरीब किसान के बारे में नहीं सोच रहे। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि वे कल फिर यहां पहुंचेंगे अगर अधिकारी नहीं सुधरे तो आंदोलन करेंगे।
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