Chamoli: चारधाम यात्रा के लिए ग्रीन कार्ड बनाने का काम शुरू, वाहन चालकों के लिए लगाया गया अलग काउंटर

उत्तराखंड में बहुप्रतीक्षित चारधाम यात्रा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में परिवहन विभाग ने यात्रा में शामिल होने वाले व्यावसायिक वाहनों के लिए ग्रीन कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह पहल यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और यात्रा के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की जा रही है।

परिवहन विभाग की ओर से अब तक 150 से अधिक वाहनों की जांच की जा चुकी है। विभाग ने वाहन चालकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अलग से काउंटर भी स्थापित किया है, जहां चालक आसानी से अपने वाहनों का ग्रीन कार्ड बनवा सकते हैं। इस व्यवस्था से प्रक्रिया को सरल और तेज बनाने में मदद मिल रही है, जिससे यात्रा शुरू होने से पहले अधिक से अधिक वाहन निर्धारित मानकों को पूरा कर सकें।

सरकार द्वारा चारधाम यात्रा के लिए व्यावसायिक वाहनों का ग्रीन कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है। इस ग्रीन कार्ड के तहत वाहनों की फिटनेस, आवश्यक दस्तावेजों और सुरक्षा मानकों की गहन जांच की जाती है। परिवहन विभाग के तकनीकी क्षेत्रीय निरीक्षक विकास कुमार के अनुसार, हर वाहन की भौतिक और तकनीकी रूप से बारीकी से जांच की जा रही है, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की दुर्घटना या असुविधा से बचा जा सके।

ग्रीन कार्ड जारी करने से पहले यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी हों। जांच के दौरान यह भी देखा जा रहा है कि वाहनों में फर्स्ट ऐड बॉक्स, कूड़ादान और अग्निशमन यंत्र जैसी जरूरी सुविधाएं मौजूद हों। इसके साथ ही चालकों को सुरक्षित यातायात नियमों की जानकारी दी जा रही है, ताकि वे यात्रा के दौरान सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ वाहन संचालन कर सकें।

संभागीय परिवहन अधिकारी अभिषेक भट्गांई ने भी इस पहल को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यात्रा के दौरान वाहन चालक यात्रियों के साथ बेहतर संवाद बनाए रखें। उनका मानना है कि चालकों का व्यवहार और संवाद शैली ही यात्रियों पर प्रदेश की छवि को दर्शाती है। यदि चालक विनम्रता और जिम्मेदारी से पेश आएंगे, तो इससे उत्तराखंड की सकारात्मक छवि देश-विदेश के श्रद्धालुओं तक पहुंचेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रीन कार्ड व्यवस्था न केवल वाहनों की तकनीकी गुणवत्ता सुनिश्चित करती है, बल्कि यह यात्रा के दौरान सुरक्षा मानकों को भी मजबूत बनाती है। इससे दुर्घटनाओं की संभावना कम होती है और यात्रियों को एक सुरक्षित एवं व्यवस्थित यात्रा का अनुभव मिलता है।

कुल मिलाकर, चारधाम यात्रा के लिए ग्रीन कार्ड की अनिवार्यता एक सकारात्मक कदम है, जो यात्रा को अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और विश्वसनीय बनाने में अहम भूमिका निभाएगा। यह पहल न केवल प्रशासन की तत्परता को दर्शाती है, बल्कि श्रद्धालुओं के प्रति उसकी जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता को भी उजागर करती है।

Spread the love
admin

Recent Posts

Uttarakhand: पूर्व सीएम हरीश रावत की तरबूज-खरबूज पार्टी, चखाया सियासी स्वाद, नारी शक्ति बंधन अधिनियम पर बोले

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत एक बार फिर अपने अनोखे अंदाज़ में चर्चा में…

16 hours ago

सीएम धामी हुए नाराज: अफसरों ने जबरन बंद कीं 22 हजार शिकायतें, आंकड़ा देख हुए गुस्सा; अफसरों को दी ये चेतावनी

देवभूमि उत्तराखंड में अफसरों की लापरवाही पर मुख्यमंत्री धामी गुस्सा हो गए। दरअसल, अफसरों ने…

17 hours ago