एमडीडीए द्वारा एक जून को सीलिंग कार्रवाई की अंतिम तिथि निर्धारित की गई थी। इसके मद्देनजर सुबह से ही क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। बजरंग दल और अन्य संगठनों के कार्यकर्ता भी थानो क्षेत्र में एकत्र होने लगे थे। हालांकि, अधिकारियों ने सुबह ही सीलिंग की कार्रवाई पूरी कर ली, जिससे किसी प्रकार की विवादित स्थिति उत्पन्न नहीं हुई।
वही बजरंग दल के प्रदेश प्रमुख नरेश उनियाल ने कहा कि लोग बाहर से आकर यहां व्यापार करते हैं उससे कोई एतराज नहीं है परंतु उन्हें यहां की संस्कृति, यहां के समाज को अपनाना होगा। यदि डेमोग्राफी चेंज करने का प्रयास किया जाएगा तो बजरंग दल इसका पुरजोर विरोध करेगा।कार्रवाई के दौरान पुलिस बल पूरी तरह सतर्क रहा और दोनों पक्षों को आमने-सामने आने से रोका गया। मौके पर नायब तहसीलदार राजेंद्र सिंह रावत, रानीपोखरी थाने के वरिष्ठ उपनिरीक्षक नवीन डंगवाल सहित एमडीडीए के अधिकारी मौजूद रहे।
हवन-यज्ञ कर कार्रवाई का स्वागत
मस्जिद सील किए जाने की कार्रवाई को मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने एकतरफा बताते हुए आपत्ति जताई। वहीं, हिंदू संगठनों से जुड़े पदाधिकारियों ने इसे देर से ही सही, लेकिन उचित कार्रवाई करार दिया। सीलिंग के बाद कुछ संगठनों के पदाधिकारियों ने थानो चौके के पास हवन-यज्ञ कर प्रशासन की कार्रवाई का स्वागत किया।
समर्थन में बंद रहा थानो बाजार
जामा मस्जिद की सीलिंग कार्रवाई के दौरान स्थानीय व्यापारियों ने भी प्रशासन के प्रति समर्थन जताया। इस दौरान थानो का मुख्य बाजार बंद रहा और कई व्यापारी चौक पर एकत्र रहे। प्रशासन और पुलिस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रहे ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
क्षेत्र पंचायत सदस्य को धमकी मिलने का आरोप
सीलिंग कार्रवाई के बाद क्षेत्र पंचायत सदस्य महिपाल सिंह कृषाली ने आरोप लगाया कि मस्जिद के समीप से गुजरने के दौरान कुछ महिलाओं ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। घटना की जानकारी मिलने पर कुछ संगठनों के कार्यकर्ता आक्रोशित हो गए और मस्जिद की ओर बढ़ने लगे।
हालांकि, पुलिस और प्रशासन ने तत्काल हस्तक्षेप कर स्थिति को शांत कराया। अधिकारियों ने संबंधित पक्षों को आश्वस्त किया कि मामले की जांच कराई जाएगी और आरोप सही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
काली सेना के प्रदेश अध्यक्ष भूपेश जोशी ने घटना की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। वहीं, महिपाल सिंह कृषाली ने पुलिस प्रशासन को कुछ व्यक्तियों के नाम बताते हुए अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और कहा कि यदि उनके साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो संबंधित लोग इसके लिए जिम्मेदार होंगे।