बागेश्वर से संबंध रखने वाले प्रो. बलवंत सिंह मेहता को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली नई पहचान।

उत्तराखंड : भारत सरकार की श्रम सांख्यिकी विशेषज्ञ समिति में नियुक्ति, AI आधारित रोजगार एवं कौशल मांग पर पांच वर्षीय उत्कृष्टता केंद्र का नेतृत्व, तथा पर्वतीय अर्थव्यवस्थाओं पर महत्वपूर्ण अध्ययन
उत्तराखंड के बागेश्वर जनपद से पैतृक संबंध रखने वाले प्रो. (डॉ.) बलवंत सिंह मेहता को भारत सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय द्वारा गठित घरेलू सर्वेक्षणों पर आधारित श्रम सांख्यिकी की उच्चस्तरीय तकनीकी विशेषज्ञ समिति में गैर-सरकारी सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया है। यह समिति देश में रोजगार, श्रम बाजार, कौशल और बदलती कार्य प्रणालियों से संबंधित आंकड़ों को अधिक प्रभावी एवं विश्वसनीय बनाने के उद्देश्य से गठित की गई है। समिति में देश के प्रमुख अर्थशास्त्रियों, सांख्यिकीविदों और नीति विशेषज्ञों को शामिल किया गया है।
इसके साथ ही प्रो. मेहता को भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (ANRF) द्वारा समर्थित पांच वर्षीय सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। यह केंद्र भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के रोजगार, काम की प्रकृति तथा कौशल मांग पर पड़ने वाले प्रभावों का अध्ययन करेगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना में प्रो. मेहता प्रधान अन्वेषक (Principal Investigator) के रूप में कार्य करेंगे, जबकि IIM अहमदाबाद और IIT पटना के विशेषज्ञ सह-प्रधान अन्वेषक के रूप में जुड़े होंगे।
यह अध्ययन इस बात का विश्लेषण करेगा कि AI के बढ़ते उपयोग से कौन-कौन से रोजगार प्रभावित हो रहे हैं, किन नए अवसरों का सृजन हो रहा है, भविष्य में किन कौशलों की मांग बढ़ेगी तथा युवाओं और कामगारों को किस प्रकार के पुनः कौशल प्रशिक्षण (Reskilling) की आवश्यकता होगी।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रो. मेहता की विशेषज्ञता को मान्यता मिली है। उन्हें एशिया एवं प्रशांत क्षेत्र में UN Women के पीयर रिव्यू समूह से जुड़ने का आमंत्रण प्राप्त हुआ है। यह महिला रोजगार, श्रम भागीदारी, सामाजिक विकास और सार्वजनिक नीति के क्षेत्र में उनके योगदान की वैश्विक स्वीकृति को दर्शाता है।
प्रो. मेहता ने हाल ही में भारत, नेपाल, किर्गिस्तान और उज्बेकिस्तान की पर्वतीय अर्थव्यवस्थाओं पर महत्वपूर्ण अध्ययन पूरा किया है। यह शोध पर्वतीय क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका, पलायन, स्थानीय विकास और नीति आवश्यकताओं को समझने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
उन्होंने उत्तराखंड से जुड़े कई महत्वपूर्ण नीति दस्तावेजों और अध्ययनों में भी योगदान दिया है, जिनमें मानव विकास रिपोर्ट, विजन रिपोर्ट तथा गरीबी एवं सामाजिक निगरानी से संबंधित अध्ययन शामिल हैं।
वर्तमान में नई दिल्ली स्थित इंस्टीट्यूट फॉर ह्यूमन डेवलपमेंट में प्रोफेसर के रूप में कार्यरत प्रो. मेहता रोजगार, कौशल विकास, तकनीक, सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन और विकास नीति के क्षेत्र में देश के प्रमुख विशेषज्ञों में गिने जाते हैं। उनके 100 से अधिक शोध-पत्र और एक दर्जन से अधिक पुस्तकें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रकाशित हो चुकी हैं।
उत्तराखंड विशेषकर बागेश्वर जनपद के लोगों के लिए प्रो. मेहता की यह उपलब्धि गर्व का विषय मानी जा रही है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी बढ़ती पहचान राज्य के युवाओं, शोधार्थियों और शिक्षाविदों के लिए प्रेरणास्रोत है तथा उत्तराखंड का नाम भी देश-दुनिया में गौरवान्वित कर रही है

Spread the love
admin

Recent Posts

सप्ताहांत से पहले नैनीताल और मसूरी में बढ़ी पर्यटकों की आवाजाही

देहरादून। उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर सप्ताहांत से पहले पर्यटकों की संख्या में लगातार…

18 hours ago