राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार यात्रा मार्गों पर भूस्खलन और चट्टान गिरने की आशंका वाले क्षेत्रों की विशेष निगरानी की जा रही है। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद प्रशासन ने अधिकारियों को ‘जीरो कैजुअल्टी’ रणनीति के तहत कार्य करने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य किसी भी प्रकार की प्राकृतिक आपदा के दौरान जनहानि को पूरी तरह रोकना है।
यात्रा मार्गों पर जेसीबी मशीनें, एंबुलेंस, चिकित्सा दल और राहत सामग्री पहले से तैनात की जा रही है। जिला प्रशासन और पुलिस विभाग को भी चौबीसों घंटे निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी मार्ग के बाधित होने की स्थिति में तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था लागू की जाएगी।
चारधाम यात्रा इस वर्ष भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही है। ऐसे में प्रशासन यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। श्रद्धालुओं को मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
सरकार का कहना है कि यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अधिकारियों को नियमित निरीक्षण और रिपोर्टिंग करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी संभावित खतरे का समय रहते समाधान किया जा सके।
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