पिछले कुछ वर्षों में शहर में वाहनों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। इसके चलते कई प्रमुख मार्गों पर जाम की समस्या आम हो गई है। विशेष रूप से कार्यालय और स्कूल के समय लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ता है।
यातायात विभाग के अधिकारियों के अनुसार नई प्रणाली के तहत ट्रैफिक का रियल टाइम विश्लेषण किया जाएगा। इससे सिग्नलों का संचालन वाहनों की संख्या के अनुसार किया जा सकेगा। इसके अलावा नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर भी डिजिटल निगरानी रखी जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन से यात्रा समय कम होगा और ईंधन की बचत भी होगी। इससे प्रदूषण नियंत्रण में भी मदद मिलेगी।
स्थानीय लोगों ने इस पहल का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि इससे शहर की यातायात व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।
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