प्रशिक्षण केंद्रों में सूचना प्रौद्योगिकी, पर्यटन, आतिथ्य, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य क्षेत्रों से जुड़े पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य युवाओं को स्वरोजगार और रोजगार दोनों के अवसर उपलब्ध कराना है।
विशेषज्ञों का कहना है कि कौशल विकास से राज्य के युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ेगी। इससे पलायन की समस्या को कम करने में भी मदद मिल सकती है।
कई युवाओं ने प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद रोजगार हासिल किया है और अपना व्यवसाय भी शुरू किया है।
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