निहाल सिंह के परिवार को मिलेगा ₹11.58 लाख का मुआवजा, कोर्ट ने ट्रक चालक शफाकत की गलती मानी, जानें मामला

जसपुर निवासी निहाल सिंह मोटरसाइकिल से धामपुर जा रहे थे, ओवरब्रिज के पार बाईपास चौराहे पर ट्रक ने उनकी बाइक को टक्कर मारी थी

रुद्रपुर: मार्च 2024 में धामपुर बाईपास पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे में जान गंवाने वाले जसपुर क्षेत्र के निवासी निहाल सिंह के परिवार को आखिरकार न्याय मिल गया है. मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) ने ट्रक चालक की लापरवाही को हादसे का मुख्य कारण मानते हुए बीमा कंपनी को मृतक के आश्रितों को 11 लाख 58 हजार रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है. अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट कहा कि प्रस्तुत साक्ष्य यह साबित करते हैं कि दुर्घटना ट्रक चालक की तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाने के कारण हुई थी.

2024 में ट्रक ने निहाल सिंह को टक्कर मारी थी: 23 मार्च 2024 को ग्राम ढांडीपुरा, जसपुर निवासी 48 वर्षीय निहाल सिंह अपनी मोटरसाइकिल से धामपुर की ओर जा रहे थे. जब वह धामपुर रेलवे ओवरब्रिज पार कर बाईपास चौराहे के समीप पहुंचे, तभी सामने से आ रहे एक ट्रक ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी. आरोप है कि ट्रक चालक शफाकत अली तेज गति और लापरवाही से वाहन चला रहा था, जिसके कारण यह भीषण हादसा हुआ.

हादसे में निहाल सिंह की मौत हो गई थी: दुर्घटना में निहाल सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए. स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया. उनकी मौत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा.

निहाल सिंह की मौत से परिवार पर आर्थिक संकट आया: बताया गया कि निहाल सिंह राइस मिलों में मशीनरी रिपेयरिंग का कार्य करते थे. इस काम से उन्हें प्रतिमाह लगभग 15 हजार रुपये की आय होती थी, जिससे वह अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे. उनके निधन के बाद पत्नी गीता देवी, बेटी कंचन और बेटा अंशुल कुमार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया. परिवार की आय का मुख्य स्रोत समाप्त हो जाने से उनके सामने आजीविका का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया.

निहाल सिंह के परिवार ने प्रतिकर का दावा किया: इसके बाद निहाल सिंह के परिजनों ने मोटर यान अधिनियम के तहत मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण में 30 लाख रुपये के प्रतिकर की मांग करते हुए दावा याचिका दाखिल की. सुनवाई के दौरान विपक्षी बीमा कंपनी की ओर से कई तकनीकी आपत्तियां उठाई गईं और दावा याचिका को चुनौती देने का प्रयास किया गया.

कोर्ट ने माना ट्रक चालक शफाकत अली की लापरवाही से हुआ हादसा: अदालत ने मामले की गहन सुनवाई करते हुए सभी उपलब्ध साक्ष्यों का विस्तार से परीक्षण किया. न्यायालय ने चश्मदीद गवाहों के बयान, पुलिस द्वारा दाखिल चार्जशीट, दुर्घटनास्थल का नक्शा तथा अन्य दस्तावेजी साक्ष्यों का अवलोकन किया. इन सभी तथ्यों के आधार पर अदालत इस निष्कर्ष पर पहुंची कि दुर्घटना ट्रक चालक शफाकत अली की तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाने के कारण हुई थी.

मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ने मुआवजा देने का आदेश दिया: अदालत ने यह भी माना कि निहाल सिंह अपने परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे. उनकी असामयिक मृत्यु से आश्रितों को आर्थिक एवं सामाजिक क्षति हुई है. इसी आधार पर मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ने बीमा कंपनी को निर्देश दिया कि वह मृतक के परिवार को कुल 11 लाख 58 हजार रुपये का मुआवजा निर्धारित अवधि के भीतर अदा करे.

दो साल बाद मिला न्याय: अदालत के इस फैसले से मृतक के परिवार को लंबे समय बाद न्याय मिलने की उम्मीद जगी है. हालांकि यह राशि परिवार की अपूरणीय क्षति की भरपाई नहीं कर सकती, लेकिन आर्थिक रूप से यह राहत उनके भविष्य के लिए महत्वपूर्ण सहारा साबित होगी. वहीं, यह निर्णय सड़क सुरक्षा नियमों के पालन और लापरवाही से वाहन चलाने वालों के खिलाफ न्यायिक सख्ती का भी एक महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है.

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