अरविन्द थपलियाल
उत्तरकाशी : उत्तराखंड में पिछले दिनो मई माह हुई भंयकर ओलाबृषटी से जहां कास्तकारों की फसलें पूर्णरूप से बर्बाद हुई तो दुसरी ओर राजस्व विभाग ने बर्बाद फसलों का सही आंकलन नही किया, किसान पंडित भरत सिहं राणा ने बताया कि ओलाबृष्टी से सबसे ज्यादा नुकसान न्याय पंचायत तियां के धारी कफनौल क्षेत्र को हुआ है जिसमें सबसे ज्यादा नुकसान सेब की फसलों को हुआ है, फल पट्टी के नाम से जाना जाने वाले क्षेत्र में बागवानों में इस समय भारी मायूसी है, बताया कि क्षेत्र के कास्तकारों की आमदानी नगदी फसलों पर निर्भर है और सेब की फसल आमदानी का मुख्य साधन है, भरत सिंह राणा ने जिलाधिकारी मयूर दीक्षित को पत्र लिखा है और बताया कि कास्तकारों और बागवानों की कमर ओलाबृष्टी से पूर्णरूप से टूट चुकी है और क्षेत्र में सही आंकलन की मांग कर कास्तकारों और बागवानो को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
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