डॉ. जयकृत ने प्रतियोगिता के विभिन्न चरणों में अपने गहन चिकित्सकीय ज्ञान, क्लिनिकल समझ, त्वरित निर्णय क्षमता और विश्लेषणात्मक कौशल का प्रभावी प्रदर्शन किया। लगातार बेहतर प्रदर्शन के दम पर उन्होंने देश के प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेजों और चिकित्सा संस्थानों से आए प्रतिभागियों के बीच अपनी जगह बनाई और शीर्ष छह फाइनलिस्ट टीमों में शामिल होकर नेशनल फिनाले तक पहुंचे।
नेशनल फिनाले में भी डॉ. जयकृत चौधरी ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन जारी रखा और दूसरा स्थान प्राप्त किया। उनकी इस उपलब्धि से श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल, देहरादून और उत्तराखंड के चिकित्सा क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के माननीय चेयरमैन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने डॉ. जयकृत चौधरी की इस उपलब्धि पर उन्हें तथा कार्डियोलॉजी विभाग की पूरी टीम को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर इस प्रकार की उपलब्धि हासिल करना संस्थान के लिए गौरव का विषय है और इससे युवा चिकित्सकों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरणा मिलेगी।
श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग में वर्तमान में डीएम कार्डियोलॉजी की छह सीटें उपलब्ध हैं। विभाग में उच्च स्तरीय चिकित्सा शिक्षा के साथ-साथ मरीजों को आधुनिक कार्डियक उपचार उपलब्ध कराने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।
कार्डियोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष एवं कैथ लैब डायरेक्टर प्रोफेसर डॉ. तनुज भाटिया ने डॉ. जयकृत चौधरी की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित प्रतियोगिता के फाइनल तक पहुंचना और उसमें दूसरा स्थान हासिल करना डॉ. जयकृत की प्रतिभा, मेहनत और चिकित्सकीय ज्ञान का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि से पूरे कार्डियोलॉजी विभाग का उत्साह बढ़ा है। राष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करते हुए डॉ. जयकृत ने प्रदेश की मेडिकल प्रतिभा को भी नई पहचान दिलाई है।
जेड.वाई.एम.ई.ए. कार्डियोलॉजी नेशनल क्विज देशभर के युवा एवं प्रतिभाशाली चिकित्सकों के बीच आयोजित की जाने वाली महत्वपूर्ण अकादमिक प्रतियोगिता है। इसमें प्रतिभागियों के चिकित्सकीय ज्ञान के साथ उनकी क्लिनिकल सोच, त्वरित निर्णय क्षमता और नवीनतम चिकित्सा जानकारी का परीक्षण किया जाता है।
प्रतियोगिता के विभिन्न चरणों में देश के अलग-अलग हिस्सों से चिकित्सकों ने हिस्सा लिया। कठिन और प्रतिस्पर्धात्मक चरणों के बाद बेहतर प्रदर्शन करने वाली छह टीमों को नेशनल फिनाले के लिए चुना गया। क्विज में कार्डियोलॉजी के साथ एंडोक्राइनोलॉजी और इंटरनल मेडिसिन जैसे महत्वपूर्ण चिकित्सा क्षेत्रों से जुड़े सवालों के माध्यम से प्रतिभागियों की विशेषज्ञता और क्लिनिकल समझ का आकलन किया गया।
डॉ. जयकृत चौधरी की इस उपलब्धि को श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के लिए महत्वपूर्ण अकादमिक सफलता माना जा रहा है। राष्ट्रीय मंच पर दूसरा स्थान हासिल कर उन्होंने देहरादून के साथ-साथ उत्तराखंड की चिकित्सा प्रतिभा का भी गौरव बढ़ाया है।
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