श्री राधा शरणम सेवा समिति सावन में बनबसा शारदा तट पर कर रही मां शारदा आरती का आयोजन, नदी घाटों को स्वच्छ रखने का संकल्प
चंपावत: सावन में बनबसा का पवित्र शारदा घाट आस्था और भक्ति के रंग में सराबोर हो उठता है. मां शारदा के जयकारों, भजनों और आरती की दिव्य रोशनी के बीच सैकड़ों श्रद्धालु एक साथ भक्ति की गंगा में डुबकी लगाते नजर आते हैं. हरिद्वार और ऋषिकेश की तर्ज पर मां शारदा आरती का यह सिलसिला पिछले 12 वर्षों से जारी है, जिसे श्री राधा शरणम सेवा समिति ने अपनी साधना और सेवा से बनबसा की धार्मिक पहचान बना दिया है.
बनबसा में मां शारदा की मनभावन आरती: मां पूर्णागिरि धाम के चरणों से होकर बनबसा से पहुंचने वाली पवित्र शारदा नदी के घाट पर विगत 12 वर्षों से श्री राधा शरणम सेवा समिति बनबसा द्वारा सावन के प्रत्येक सोमवार को मां शारदा आरती का आयोजन किया जा रहा है. बारह वर्ष पहले संस्था के संस्थापक कपिल भार्गव द्वारा की गई यह शुरुआत अब सैकड़ों लोगों को मां शारदा आरती कार्यक्रम से जोड़ चुकी है.
शारदा तट पर भजन-कीर्तन: बनबसा के पवित्र शारदा घाट पवित्र शारदा घाट पर संस्था की कीर्तन मंडली द्वारा भजनों की धारा प्रवाह प्रस्तुति जहां भारत नेपाल के इस सीमांत क्षेत्र को भक्ति के अनूठे संसार से रूबरू कराती है.वहीं सावन के प्रत्येक सोमवार को हरिद्वार एवं ऋषिकेश की तर्ज पर होने वाली मां शारदा आरती में सैकड़ों लोग पहुंच मां शारदा के प्रति अपनी आस्था व्यक्त कर भोले नाथ का स्मरण कर भक्ति व आस्था की नदी में प्रवाहित कर सीधे भगवान से जुड़ने का प्रयास करते हैं.
12 साल पहले हुई शुरुआत, जारी है आरती का क्रम: श्री राधा शरणम सेवा समिति के संस्थापक एवं प्रसिद्ध भजन गायक कपिल भार्गव द्वारा बारह वर्ष पहले की गई शुरुआत आज बनबसा क्षेत्र की पहचान बनती जा रही है. ऋषिकेश एवं हरिद्वार घाटों की तर्ज पर भव्य एवं दिव्य मां शारदा आरती का सपना लिए की गई शुरुआत आज सफल होती दिख रही है.मां शारदा आरती में आने वाले भक्तों को सबसे पहले पवित्र शारदा घाटों की स्वच्छता एवं नदियों की अविरलता को बनाए रखने की शपथ के साथ साथ नशा मुक्त समाज हेतु संकल्पित कराया जाता है. एक आदर्श नागरिक के रूप में स्वयं नशा ना कर समाज से भी इस बुराई को दूर करने हेतु जन जागरूकता फैलाने का संदेश दिया जाता है.
संयोजक कपिल ने क्या कहा: मां शारदा आरती के संयोजक कपिल भार्गव का कहना है कि-
इस आरती के माध्यम से क्षेत्र को धार्मिक नगरी के रूप में पहचान दिलाने, क्षेत्र की सुख समृद्धि हेतु मां शारदा का आशीर्वाद प्राप्त करने एवं सनातन के प्रचार प्रसार कर समाज को धर्मार्थ कार्यों से जोड़ना प्रमुख है. बीते बारह वर्षों से केवल सावन मास के प्रत्येक सोमवार को मां शारदा की आरती का आयोजन किया जाता है. अब संस्था नवरात्रों में भी इस आरती को आयोजित करने जा रही है, ताकि मां पूर्णागिरी धाम आने वाले लाखों श्रद्धालु गण भी इस आरती से जुड़ इसका प्रचार प्रसार अन्य राज्यों में करें, जिससे बनबसा क्षेत्र को धार्मिक पहचान मिल सके.
-कपिल भार्गव, संयोजक, मां शारदा आरती-
हरिद्वार और ऋषिकेश में मां गंगा आरती की तर्ज पर होती मां शारदा की आरती: संस्था ऋषिकेश एवं हरिद्वार में आयोजित होने वाली गंगा आरती की तर्ज पर बनबसा में मां शारदा आरती को भव्य एवं दिव्य बनाने हेतु प्रयासरत है.वहीं मां शारदा आरती में सम्मिलित होने वाले सैकड़ों श्रद्धालु भी इस आयोजन से जहां अभिभूत नजर आए, वहीं उन्होंने खुद को सौभाग्यशाली बताया.
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