भारी बारिश से लगातार बढ़ रहा कोसी नदी का जलस्तर, 1993 की बाढ़ का मंजर याद कर सिहर उठते हैं लोग

उत्तराखंड में बारिश का दौर जारी है. भारी बारिश से नदी नाले उफान पर बह रहे हैं.

रामनगर: रामनगर में लगातार हो रही बारिश के बीच कोसी नदी का जलस्तर एक बार फिर तेजी से बढ़ने लगा है. बीते दिन जहां कोसी नदी का पानी का बहाव 12 हजार क्यूसेक के पार पहुंच गया. बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नदी के आसपास और मैदानी क्षेत्रों में अलर्ट जारी किया गया है. हालांकि इस बरसात में अब तक कोसी नदी का अधिकतम जलस्तर 47 हजार 154 क्यूसेक दर्ज किया गया है, लेकिन कोसी नदी का इतिहास बताता है कि जब यह अपने रौद्र रूप में आती है तो रामनगर और आसपास के इलाकों में भारी तबाही मचा सकती है.

कोसी का बढ़ता जलस्तर लोगों को उन खौफनाक सालों की याद दिला रहा है, जब नदी ने सड़क, जमीन, घर और रिसॉर्ट तक को अपनी चपेट में ले लिया था. आंकड़ों पर नजर डालें तो साल 2025 में कोसी नदी का अधिकतम जलस्तर 42 हजार 35 क्यूसेक दर्ज किया गया था. साल 2024 में यह आंकड़ा बढ़कर 85 हजार 103 क्यूसेक तक पहुंचा. वहीं 2023 में 33 हजार 501 और 2022 में 42 हजार 622 क्यूसेक तक नदी का जलस्तर पहुंचा था. लेकिन इन आंकड़ों के बीच 2021 का साल कोसी की सबसे भयावह तस्वीरों में से एक लेकर आया था.साल 2021 में कोसी नदी का जलस्तर करीब एक लाख 60 हजार 146 क्यूसेक तक पहुंच गया था, नदी के इस रौद्र रूप ने रामनगर और आसपास के इलाकों में भारी तबाही मचाई थी. मोहान क्षेत्र के कई होटल और रिसॉर्ट बाढ़ की चपेट में आ गए थे, चुकुम और सुंदरखाल गांवों में भी बाढ़ का पानी घुस गया था. हालात इतने बिगड़ गए थे कि प्रभावित लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हेलीकॉप्टर तक की मदद लेनी पड़ी थी. कई घरों और रिसॉर्ट्स को नुकसान पहुंचा, जबकि नदी के तेज बहाव में जमीन का बड़े पैमाने पर कटाव हुआ,कई जगह घरों और रिसॉर्ट्स का सामान भी पानी के तेज बहाव में बह गया था.

वहीं अगर इससे भी पुराने इतिहास की बात करें तो साल 1993 की विनाशकारी बाढ़ आज भी लोगों के जेहन में है, उस दौरान कोसी नदी का जलस्तर करीब एक लाख 59 हजार क्यूसेक तक पहुंच गया था. ढिकुली, मोहान, गर्जिया, सुंदरखाल और चुकुम जैसे इलाकों में नदी ने जमकर तबाही मचाई थी. कई जगह नदी ने जमीन को काटकर अपने साथ बहा लिया था, खेत और आबादी वाले क्षेत्र तक प्रभावित हुए थे. कोसी का यह रूप बताता है कि सामान्य दिखने वाली नदी जब उफान पर आती है तो कुछ ही घंटों में हालात पूरी तरह बदल सकते हैं.

यही वजह है कि आज जब कोसी नदी का जलस्तर एक बार फिर बढ़ रहा है तो पुराने खौफनाक मंजर लोगों की चिंता बढ़ा रहे हैं. हालांकि वर्तमान में नदी का बहाव पुराने रिकॉर्ड के मुकाबले काफी कम है. लेकिन लगातार बारिश के चलते जलस्तर में तेजी से बदलाव हो सकता है. प्रशासन भी नदी के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए है और संवेदनशील इलाकों में लोगों को सतर्क किया जा रहा है. फिलहाल कोसी नदी 12 हजार क्यूसेक से ज्यादा के बहाव पर है, लेकिन इतिहास गवाह है कि कोसी ने 1993 और 2021 में कब-कब तांडव मचाया था, यह रामनगर और इन गांवों के लोग आज भी नहीं भूले हैं.

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