मौसम साफ होते ही केदारनाथ यात्रा ने पकड़ी रफ्तार, 100 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों के साथ 24 घंटे अलर्ट हैं कर्मचारी

कंट्रोल रूम से केदारनाथ यात्रा मार्ग और धाम की हर हलचल पर नजर, एसओएस से तत्काल संपर्क की सुविधा

रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड की चारधाम यात्रा में केदारनाथ की यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में बहुत क्रेज रहता है. 15 सितंबर की शाम तक 14,99,138 (14 लाख 99 हजार 138) श्रद्धालु केदारनाथ के दर्शन कर चुके हैं. इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने पर कोई गड़बड़ी न हो इसके लिए रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन भी पूरी तैयारी में है. आज बुधवार को मौसम साफ रहने से केदारनाथ यात्रा ने फिर रफ्तार पकड़ ली है.

कैमरों की नजर में केदारनाथ यात्रा: केदारनाथ धाम यात्रा में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है. यात्रा मार्ग से लेकर केदारनाथ धाम और हेलीपैड तक की हर गतिविधि पर जिला आपदा कंट्रोल रूम से नजर रखी जा रही है. इसके लिए यात्रा मार्ग के महत्वपूर्ण स्थानों समेत विभिन्न हेलीपैड और धाम में 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. मंगलवार को जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने जिला आपदा कंट्रोल रूम पहुंचकर कैमरों के माध्यम से यात्रा व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को संवेदनशील परिस्थितियों में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए.

कंट्रोल रूम से हर हलचल पर नजर: केदारनाथ यात्रा मार्ग भौगोलिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील है. ऐसे में मौसम, भूस्खलन, पत्थर गिरने या मार्ग में किसी तरह की बाधा की स्थिति में त्वरित सूचना और कार्रवाई बेहद महत्वपूर्ण है. इसी को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने कंट्रोल रूम को निगरानी का प्रमुख केंद्र बनाया है. कैमरों से प्राप्त लाइव फीड के माध्यम से यात्रा मार्ग, हेलीपैड और धाम की लगातार निगरानी की जा रही है. किसी स्थान पर असामान्य स्थिति दिखाई देने पर संबंधित अधिकारियों को तत्काल सूचना दी जाती है, ताकि मौके पर कार्रवाई में देरी न हो.

100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों से धाम: 100 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों के साथ यात्रा व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारी विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों पर 24 घंटे सातों दिन तैनात हैं. इसके अलावा पैदल यात्रा मार्ग और केदारनाथ धाम में एसओएस सिस्टम भी स्थापित किया गया है. आपात स्थिति में इसके माध्यम से मौके पर तैनात अधिकारियों से सीधे संपर्क कर सहायता और आवश्यक दिशा-निर्देश उपलब्ध कराए जा सकते हैं.

पैदल मार्ग और हेलीपैड की निगरानी: यात्रियों की शिकायतों और सूचनाओं को भी आपदा कंट्रोल रूम के माध्यम से संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाया जा रहा है. प्रशासन का दावा है कि सूचना मिलते ही संबंधित विभाग को सक्रिय कर समस्या के समाधान की कार्रवाई की जा रही है. जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने कहा कि-

केदारनाथ यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है. आधुनिक तकनीक, 24 घंटे निगरानी और त्वरित संचार व्यवस्था के जरिये यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर स्तर पर सतर्कता बरती जा रही है.
-विशाल मिश्रा, डीएम रुद्रप्रयाग-

आज मौसम साफ, यात्रा ने पकड़ी रफ्तार: उधर केदारनाथ धाम में दो दिनों तक मौसम खराब रहने के बाद बुधवार को मौसम साफ होने से यात्रा ने फिर रफ्तार पकड़ ली. धाम में मौसम सुहाना होने के साथ ही बाबा केदार के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का उत्साह भी बढ़ गया है. सुबह से ही केदारनाथ धाम में भक्तों की चहल-पहल बनी हुई है. देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे श्रद्धालु पैदल और हवाई मार्ग से बाबा के दरबार में पहुंचकर दर्शन कर रहे हैं. इस यात्रा सीजन में अब तक करीब 15 लाख श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं.

केदारनाथ धाम में बढ़ी चहल-पहल: मौसम खुलने के बाद केदारनाथ पैदल मार्ग पर आवाजाही सामान्य रही. श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां यात्रा मार्ग पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं. संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है. मौसम के रुख और पैदल मार्ग की स्थिति के अनुसार यात्रियों की आवाजाही को नियंत्रित किया जा रहा है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके.

हेलीकॉप्टर से भी जा रहे श्रद्धालु: केदारनाथ पहुंचने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु हवाई सेवा का भी उपयोग कर रहे हैं. मौसम अनुकूल रहने पर हेलीकॉप्टर सेवाओं के माध्यम से यात्रियों को धाम तक पहुंचाया जा रहा है. हालांकि हवाई सेवा पूरी तरह मौसम पर निर्भर है. मौसम खराब होने की स्थिति में हेली सेवाओं का संचालन प्रभावित हो सकता है. ऐसे में प्रशासन की ओर से मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.

श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए केदारनाथ धाम से लेकर पैदल यात्रा मार्ग तक व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद रखा गया है. धाम में सुरक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, स्वच्छता, यातायात और भीड़ प्रबंधन को लेकर संबंधित विभागों को सतर्क रखा गया है. जिला प्रशासन के अधिकारी लगातार यात्रा व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं और आवश्यकता के अनुसार व्यवस्थाओं में बदलाव किया जा रहा है.

डीएम बोले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता: दो दिन मौसम खराब रहने के कारण जहां यात्रा प्रभावित हुई थी. वहीं मौसम साफ होते ही धाम में फिर से रौनक लौट आई है. मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र बाबा केदार के जयकारों से गूंज रहा है. श्रद्धालु अनुकूल मौसम के बीच दर्शन कर आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त कर रहे हैं. जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने कहा कि-

श्रद्धालुओं की सुरक्षित और सुगम यात्रा सर्वोच्च प्राथमिकता है. मौसम और यात्रा मार्ग की परिस्थितियों को देखते हुए सभी संबंधित विभागों को अलर्ट रखा गया है. आने वाले दिनों में मौसम के रुख के साथ ही यात्रा व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जाएगी.
-विशाल मिश्रा, जिलाधिकारी-

Spread the love
admin

Recent Posts