प्रभु श्रीराम के हाथों हुआ ताड़का का वध, तृतीय दिवस की रामलीला में कैबिनेट मंत्री खजान दास रहे मौजूद।

रिपोर्ट: सुनील सजवाण

थत्यूड़ (टिहरी गढ़वाल)। जौनपुर विकासखंड मुख्यालय थत्यूड़ के रामलीला मैदान में धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक समिति के तत्वावधान में आयोजित पौराणिक रामलीला के तृतीय दिवस प्रभु श्रीराम द्वारा ताड़का वध, सुबाहु वध और मारीच पर प्रहार की लीला का मंचन किया गया। इस अवसर पर उत्तराखंड सरकार के समाज कल्याण एवं भाषा मंत्री कैबिनेट मंत्री खजान दास मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

रामलीला का शुभारंभ आरती के दृश्य के साथ हुआ। इसके बाद गुरु विश्वामित्र अयोध्या पहुंचकर महाराजा दशरथ को अपने आश्रम में राक्षसों द्वारा यज्ञ में लगातार बाधा डालने की जानकारी देते हैं। वे यज्ञ की रक्षा के लिए भगवान श्रीराम और लक्ष्मण को अपने साथ आश्रम ले जाते हैं।
अगले दृश्य में प्रभु श्रीराम के हाथों ताड़का का वध होता है। ताड़का के वध की सूचना मिलने पर मारीच और सुबाहु क्रोधित होकर गुरु विश्वामित्र के आश्रम में श्रीराम और लक्ष्मण से युद्ध करने पहुंचते हैं। युद्ध के दौरान भगवान श्रीराम सुबाहु का वध करते हैं, जबकि मारीच पर बिना फल वाला बाण चलाकर उसे दूर कर देते हैं। कलाकारों ने इन प्रसंगों का सजीव मंचन कर दर्शकों को रामायण की वीरगाथा से परिचित कराया।

रामलीला हमारी धार्मिक और लोक संस्कृति का अभिन्न हिस्सा: खजान दास

मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री खजान दास ने कहा कि थत्यूड़ की रामलीला वास्तव में पौराणिक परंपराओं से जुड़ी है, जो कई दशकों से निरंतर आयोजित होती आ रही है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं भी रामलीला में हनुमान और ताड़का जैसे पात्रों का अभिनय कर चुके हैं। रामलीला हमारी धार्मिक संस्कृति के साथ-साथ लोक संस्कृति का भी अभिन्न हिस्सा है। ऐसी परंपराएं समाज को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का कार्य करती हैं।
विशिष्ट अतिथि एवं नगर पालिका परिषद मसूरी के पूर्व अध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल ने कहा कि वर्ष 1972 से वे स्वयं भी थत्यूड़ की रामलीला से जुड़े रहे हैं। उन्होंने बताया कि उस समय संसाधनों का अभाव था, लेकिन भगवान श्रीराम के प्रति लोगों की श्रद्धा और भावनाएं आज की तरह ही मजबूत थीं।

इन कलाकारों ने निभाए विभिन्न पात्र

तृतीय दिवस की लीला में भगवान श्रीराम की भूमिका मनोज भट्ट, लक्ष्मण की भूमिका प्रवीण पंवार, महाराजा दशरथ की भूमिका रामप्रकाश भट्ट, ताड़का की भूमिका मुनिम प्रधान, सुबाहु की भूमिका दीपक सजवाण, मंत्री की भूमिका विनोद राणा तथा सुमंत की भूमिका दीपक सकलानी ने निभाई।

जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों एवं गणमान्य लोगों की रही उपस्थिति

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि मनमोहन सिंह मल्ल, जिला पंचायत सदस्य सविता देवी, ग्राम पंचायत थत्यूड़ की प्रधान मेनका सजवाण, ग्राम पंचायत ब्रह्मसारी की प्रधान सरस्वती रावत, ग्राम पंचायत नकुर्ची की प्रधान सरिता राणा, पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख महिपाल रावत, भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के जिला अध्यक्ष राजेंद्र कोहली, सेवानिवृत्त कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष खेमराज भट्ट, भाजपा उपाध्यक्ष जयप्रकाश नौटियाल, भाजपा महामंत्री अकवीर पंवार, व्यापार मंडल के जिला उपाध्यक्ष दीपक सजवाण, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य बीना रावत, दीपेंद्र रावत, विनोद राणा और शिवदास सहित अनेक जनप्रतिनिधि, समाजसेवी एवं क्षेत्रीय गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

रामलीला समिति के ए लोग थे मौजूद

रामलीला समिति की ओर से अध्यक्ष गजेंद्र असवाल, सचिव सुनील सजवाण, उपाध्यक्ष रामप्रकाश भट्ट, कोषाध्यक्ष मुनिम प्रधान, हरिलाल, हरीश नौटियाल, शिवांश सजवाण, संदीप पंवार और सचिन लेखवार सहित समिति के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
कार्यक्रम का संचालन प्रसिद्ध मंच संचालक सुनील सजवाण ने किया। थत्यूड़ की पौराणिक रामलीला के माध्यम से क्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और आने वाली पीढ़ियों तक भगवान श्रीराम के आदर्शों को पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

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