शिवपुरी में पति की मौत के बाद गर्भवती ने बेटे के साथ की आत्मत्या, फिर बड़ी बहन ने 3 बच्चों के साथ उठाया खौफनाक कदम. यतीश कुमार की रिपोर्ट
शिवपुरी: बैराड़ थाना और कोलारस थाना क्षेत्र से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है. जिसने पूरे शिवपुरी को झकझोर कर रख दिया है. यहां के गूंगरगांव और सेसईपुरा में एक ही दिन में दो सगी बहनों ने मानसिक अवसाद और पारिवारिक दुखों के चलते अपने-अपने मासूम बच्चों के साथ खेत में आत्महत्या कर ली. इस भयावह दोहरी त्रासदी में दो बहनों और चार बच्चों समेत कुल छह लोगों की जान चली गई. घटना के बाद से क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है.
जानकारी के अनुसार, पहली घटना बुधवार दोपहर की है. यहां बैराड़ थाना क्षेत्र के गूंगरगांव निवासी 35 वर्षीय अंजलि ने अपने 6 वर्षीय बेटे प्रशांत के साथ आत्महत्या कर ली. अंजलि 8 महीने की गर्भवती थीं, अंजलि के पति धरमवीर रावत की करीब 1 महीने पहले ही एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी. जिसके बाद से वह गहरे मानसिक तनाव और सदमे में थीं.
घटना के वक्त अंजलि अपनी 3 बेटियों को भी साथ लेकर घटनास्थल पर गई थी, लेकिन एक बेटी ने सूझबूझ दिखाते हुए अपना हाथ छुड़ा लिया और वहां से भागकर घर वालों को घटना की जानकारी दी, जिससे अन्य बच्चों की भी जान बच गई. इस हादसे में मां, बेटे और गर्भ में पल रहे शिशु की मौत हो गई. गर्भवती महिला के कुल 5 बच्चे थे, जिनमें से 4 बचने में कामयाब रहे.
पहली घटना के सदमे से लोग उबर भी नहीं पाए थे कि बुधवार शाम को एक और भयानक खबर सामने आ गई. कोलारस थाना क्षेत्र के सेसई गांव निवासी और अंजलि की बड़ी बहन 40 वर्षीय सीता रावत ने भी अपने तीन बच्चों राखी (14), प्रियंका (11) और 6 वर्षीय बेटे श्लोक के साथ खोंकर गांव स्थित खेत पर आत्महत्या कर ली.
शाम करीब छह बजे तक जब सीता और उसके बच्चे घर वापस नहीं लौटे, तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की. परिजन जब खेत पर पहुंचे तो चप्पलें रखी हुई दिखाई दीं. चप्पल के कुछ दूरी पर तीनों के शव दिखाई दिया. शव देखकर परिजन के होश उड़ गए. घटना की सूचना पर तत्काल स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के संयुक्त प्रयासों से शवों को बाहर निकाला गया. एक ही परिवार की दो बेटियों और उनके बच्चों की इस तरह अर्थी उठने से पूरे गांव में चूल्हे नहीं जले.
घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे. पुलिस ने दोनों मामलों में मर्ग कायम कर सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों मामलों के सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है जिससे आत्महत्या के असली कारणों का पता लगाया जा सके. इस अकल्पनीय हादसे ने समाज के हर वर्ग को झकझोर कर रख दिया है.
बैराड़ थाना प्रभारी रवि चौहान ने बताया, “घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच कर कुएं से रेस्क्यू करने की कोशिश की, लेकिन महिला और उसके बच्चे को नहीं बचाया जा सका. अब हम पूरे मामले की तहकीकात कर आत्महत्या की असली वजह तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं.”
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