चमोली : प्रदेश के सीमांत जनपद चमोली के “सवाड़” गांव के बारे में कौन नहीं जानता। ये कोई मामूली गांव नहीं बल्कि वीरों सपूतों की जन्मस्थली है। यहां के वीर सैनिकों ने स्वतंत्रता संग्राम से लेकर प्रथम विश्व युद्ध, द्वितीय विश्वयुद्ध, पेशावर कांड, ऑपरेशन ब्लू स्टार, बांग्लादेश युद्ध आदि सभी ऐतिहासिक युद्धों में भाग लेकर देश का मान बढ़ाया है। शायद ही इससे ज्यादा गौरवशाली इतिहास किसी और गांव का हो। वीरों की इस भूमि से प्रथम विश्वयुद्ध में 22, द्वितीय विश्व युद्ध मे 38, पेशावर कांड में 14, सैनिकों ने भाग लिया। इसके साथ ही 18 जवानों ने स्वतंत्रता संग्राम के लिए आजाद हिंद फौज की राह चुनी। वर्तमान में भी यहां के 121 वीर सपूत भारतीय सेना का अंग हैं। गांव के शहीदों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को वर्ष 2008 से हर वर्ष श्रद्धा सुमन अर्पित करने के लिए 7 दिसम्बर को ‘सशस्त्र झंडा दिवस’ के अवसर पर सवाड़ में शहीद मेले का आयोजन किया जाता है।
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