अरविन्द थपलियाल
उत्तरकाशी : पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण ने कहा कि NHM कर्मियों की मांगे जायज हैं और कोविड महामारी के दौरान इनके द्वारा दी जा रही सेवाओं के दृष्टिगत इनकी मांगों का निराकरण किया जाना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय मे समस्त उत्तराखंड के NHM कर्मचारी पूर्ण मनोयोग से अपनी सेवाएं दे रहे हैं इसके अतिरिक्त अपने कार्यों के साथ-साथ अपनी व अपने परिवार की जान भी जोखिम मे डालकर महामारी के दौरान सैम्पलिंग, टेस्टिंग, ट्रेकिग के अलावा कोविड सेंटरों मे दिन-रात अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन का गठन इस मंशा से किया गया था कि स्वास्थ्य क्षेत्र में केंद्र व राज्य की योजनाओं को पंख लग सके। इसका मुख्य उद्देश्य दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुबिधायें व जानकारियां पहुंचाना था, किन्तु वर्तमान सरकार की हठधर्मिता के चलते एन0एच0एम0 कर्मियों को कार्य बहिष्कार को मजबूर होना पड़ रहा है।
नौ सूत्रीय मांगो मे:-
वर्ष 2018 से लंबित लॉयल्टी बोनस का केंद्र सरकार के दिशा निर्देशों के अनुसार भुगतान, कर्मियों की वेतन विसंगति, कर्मियों के लिए एक्स कैडर का गठन, सेवा नियमावली, एचआर पॉलिसी लागू, आउटसोर्स प्रथा समाप्त कर ढांचागत पदों की नियुक्तियों मे कर्मियों को प्राथमिकता, वार्षिक वेतन बृद्धि में 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी, सेवाकाल के दौरान मृत्यु होने पर कर्मियों के परिवारजनों को आर्थिक सहायता के साथ एक सदस्य को अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति दिए जाने की मांगों को पूरा करने का अनुरोध किया है।
उक्त संदर्भ में पूर्व विधायक सजवाण ने प्रदेश के मुख्यमंत्री से NHM कर्मचारीयों की जायज मांगो को जल्द पूरा करने की मांग की है।
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