देहरादून : शुक्रवार को मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने सचिवालय में सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रयोग को रोकने के हेतु गठित स्पेशल टास्क फोर्स के सम्बन्ध में बैठक की। बैठक के दौरान, मुख्य सचिव ने कहा कि पर्यावरण के लिए प्लास्टिक बहुत की घातक है, इसमें सिंगल यूज प्लास्टिक सबसे अधिक हानिकारक है। इसके प्रयोग को रोकने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। उन्होंने इसके लिए आमजन में जागरूकता फैलाने के साथ ही कुछ विशेष कदम उठाए जाने की बात भी कही।
मुख्य सचिव ने कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रयोग को रोकने के लिए अधिक से अधिक जागरूकता फैलाई जाए। उन्होंने कहा कि व्यापारियों में सिंगल यूज प्लास्टिक की जानकारी की कमी होने के कारण इसको रोकने के प्रयास कम सफल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि कौन सा प्लास्टिक बैन है, कौन सा नहीं इस पर एक छोटी-छोटी वीडियो क्लिप्स के माध्यम से जानकारी का संचार किया जाए। साथ ही, व्यापारियों एवं आमजन को फोटो और वीडियो के माध्यम से बैन और अधिक नुकसानदेह प्लास्टिक की जानकारी वेबसाइट और सोशल मीडिया के माध्यम से उपलब्ध कराई जाए। इससे होने वाले दुष्प्रभावों को भी फोटो-वीडियो के माध्यम से दिखाया जाना चाहिए।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि प्लास्टिक के प्रयोग को रोकने के लिए प्लास्टिक के विकल्प को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि प्लास्टिक के क्या-क्या विकल्प हो सकते हैं, इस पर एक अध्ययन कराया जाए, ताकि इसके विकल्पों के लिए सब्सिडी देकर बढ़ावा दिया जा सके। उन्होंने प्लास्टिक के विकल्प को बढ़ावा दिए जाने हेतु एक योजना तैयार किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस योजना में सब्सिडी के माध्यम से बढ़ावा दिया जाए, ताकि इसके विकल्प के व्यवसाय से जुड़ने को प्रोत्साहित हो सकें, और प्लास्टिक के व्यापार से जुड़े लोगों के रोजगार पर इसका प्रभाव न पड़े। उन्होंने वन विभाग की नर्सरी में भी पौधों के लिए जूट के बैग के प्रयोग की संभावनाओं को भी तलाशा जाए।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द वर्द्धन एवं सचिव अमित नेगी सहित सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।
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