देहरादून : माध्यमिक अतिथि शिक्षकों के सुरक्षित भविष्य को लेकर राज्य सरकार द्वारा कोई निर्णय नहीं लिया गया। जबकि अतिथि शिक्षक विगत 6 वर्षों से राज्य के दुर्गम और अति दुर्गम स्कूलों में पूर्ण मनोयोग से शिक्षण कार्य कर रहे हैं। वर्तमान में सरकार द्वारा दो कैबिनेट बैठक में अतिथि शिक्षकों के सुरक्षित भविष्य को देखते हुए उनके पदों को रिक्त ना माने जाने का निर्णय लिए जाने की खबरें आई जिससे अतिथि शिक्षकों में सुखद भविष्य की उम्मीद जगी। दोनों ही बार यह निर्णय हवाई साबित हुए।
संघ के अध्यक्ष आशीष जोशी ने कहा कि अतिथि शिक्षकों को सरकार पर पूरा भरोसा था कि सरकार उनके सुरक्षित भविष्य के लिए कोई नीति या कदम उठाएगी। किंतु चुनाव नजदीक आने के बावजूद भी अभी तक अतिथि शिक्षकों के सुरक्षित भविष्य के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया। जिससे मजबूर होकर अतिथि शिक्षक अपने भविष्य की चिंता के साथ सड़क पर उतरे हैं। इसी क्रम में सरकार तक अपनी पीड़ा पहुंचाने के लिए पूरे प्रदेश से लगभग 20,000अतिथि शिक्षकों द्वारा सचिवालय कूच किया गया। यदि सरकार ने शिक्षकों के सुरक्षित भविष्य के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो इससे भी बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
आज सचिवालय कूच में आशीष जोशी, दौलत जगूड़ी, संजय नौटियाल, जितेंद्र गौड़ ब्लॉक अध्यक्ष जौनपुर, प्रवीण चौहान, जितेंद्र नैथानी, अजय भारद्वाज,विनय जगवाण शोभा नौटियाल, आरती उनियाल,उषा गैरोला,शोभा, मोनिका नेगी आदि लोग उपस्थित रहे।
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