मसूरी : मसूरी ट्रेडर्स एंड वेलफेयर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को एसडीएम के माध्यम से ज्ञापन देकर मांग की कि नये साल का पर्व मनाने के लिए 30 दिसंबर से एक जनवरी तक रात्रि कोरोना कर्फ्यू में ढील दी जाय ताकि पर्यटन नये साल का जश्न मना सकें व इसका लाभ व्यापारियों को मिल सके। अगर छूट नहीं दी गई तो व्यापारी आंदोलन करेंगे व विधानसभा चुनाव स्थगित करने की मांग करेंगे।
मसूरी ट्रेर्डस एंड वेलफेयर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में कहा है कि पिछले दो लॉकडाउन के बाद अब रात्रि कोरोना कर्फ्यू में लगातार बाजार बंद होने से व्यापारियों परेशान है व अपने तथा अपने परिवार के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। व्यापारियों द्वारा प्रशाशन से समय समय पर अनेक रियायतों के लिये निवेदन किया गया, परंतु ना तो इन मांगों पर ध्यान दिया गया और ना ही व्यापारियों को बात चीत करने के लिये बुलाया गया। बाजार बंद करने से व्यापारियों के सामने किराया, भरणपोषण और बिजली पानी के साथ ही कर्मचारियों का वेतन देने के लिए पैसे नहीं हैं। सरकार कोई राहत या पैकेज नहीं दे रही है और न ही व्यापारियों की सुध ले रही है। पूरे साल ना तो कोई राहत दी और न ही कोई व्यापारियों की सुनने के लिए सामने आया है। ज्ञापन में मांग की गई कि वर्तमान में कोरोना संक्रमण सामान्य होने पर आगमी तीन दिनों 30दिसंबर से 1 जनवरी 22 तक रात्रि कर्फ्यू में ढील दी जाय। मसूरी टेªडर्स एंड वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने कहा कि दो वर्ष से परेशान व्यापारियों को आगमी तीन दिनों से न्यू ईयर का समय होने के कारण बहुत आशा थी व रोजगार की सम्भावना थी, परंतु वर्तमान सरकार द्वारा बिलकुल आखिरी समय में रात्रि कर्फ्यू लगाकर व्यापारियों व पर्यटन उद्योग से जुडे सभी व्यक्तियों को निराशा दी। उन्होंने सरकार से तीन दिनों तक छूट की मांग की ताकि समस्त व्यापारी, होम स्टे स्वामी, होटल स्वामी, टैक्सी चालक, रिक्शा चालक, मजदूर, टूर ओपेरटर आदि अपना रोजगार सूनिशचित कर सकें। उन्होंने कहा कि नया साल का जश्न मनाने पर्यटक पूरे देश से मसूरी, नैनीताल, ऋषिकेश, टिहरी, हरिद्वार, रानीखेत आदि अपना प्रोग्राम बनाकार, हजारों रुपय खर्च करके उत्तराखंड आ रहे हैं, ऐसे में रात्री कर्फ्यू संभवतः सभी पर्यटकों को नाराज व मायूस करेगा, व उत्तराखंड की छवि भी धूमिल होगी, जब दिन भर सम्पूर्ण देश मे हर जगह भीड भाड़ है ऐसे में रात में कर्फ्यू लगना बेतुका लगता है। सोशल मीडिया में भी इसका विपरीत असर दिख सकने से उत्तराखंड प्रदेश की छवि खराब होगी।
वहीं ज्ञापन में चेतावनी दी गई कि अगर आगामी तीन दिनो के लिए सरकार रात्रि कर्फ्यू में बाजार खोलने की अनुमति नहीं दी गयी तो मसूरी के व्यापारी अपना आक्रोश जाहिर करने के लिये जल्द ही आन्दोलन करेंगे। वहीं कहा कि अगर सरकार द्वारा रात्रि कर्फ्यू नहीं हटाया जाता है तो सरकार ये भी सुनिश्चित करे कि आगमी तीन महिनों में कोई भी ’राजनैतिक सभा ना हो और विधान सभा चुनाव भी कम से कम 6 महिनों के लिये स्तगित कर दिये जाये, ताकि सरकार की कोरोना संक्रमण रोकने की मंशा साफ नजर आये।। ज्ञापन देने वालों में अध्यक्ष रजत अग्रवाल, महामंत्री जगजीत कुकरेजा व कोषाध्यक्ष नागेद्र उनियाल आदि है।
देहरादून। उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर सप्ताहांत से पहले पर्यटकों की संख्या में लगातार…
देहरादून। मानसून सीजन के दौरान संभावित प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए…
देहरादून। उत्तराखंड को स्वच्छ, हरित और पर्यावरण के अनुकूल राज्य बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री…
Ola Electric ने अपनी रिटेल रणनीति में बड़ा बदलाव किया है. कंपनी डीलर पार्टनर्स के…
मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने संस्कृति विभाग की…
बाजपुर कोतवाली क्षेत्र में 13 साल नाबालिग किशोरी के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म का मामला…