मसूरी : मसूरी निवासी उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी सिने अभिनेता विक्टर बनर्जी को पदम भूषण अवार्ड मिलने पर राज्य आंदोलनकारियों ने खुशी व्यक्त की व उन्हें बधाई देने के साथ ही केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर शहीद स्थल पर आयोजित एक सादे कार्यक्रम में उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों ने सिने अभिनेता विक्टर बनर्जी को पदम भूषण पुरूस्कार मिलने पर बधाई दी व कहा कि इससे राज्य आंदोलनकारियों का ही नही बल्कि उत्तराखंड को गर्व हुआ है व सम्मान मिला है।
इस मौके पर राज्य आंदोलनकारी अधिवक्ता मनोज शैली ने कहा कि उत्तराखंड राज्य आंदोलन में उनकी सक्रिय भूमिका रही है वहीं उन्होंने इस आंदोलन को राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक पहचान दिलाई जिससे राज्य निर्माण को बल मिला। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड राज्य आंदोलन में दो सितंबर 1994 मसूरी गोलीकांड ने राज्य आंदोलन को नई दिशा दी व तीन सितंबर को विक्टर बनर्जी ने अंग्रेजी के एक ख्याति प्राप्त अखबार में जो रिपोर्ट विस्तार से प्रकाशित की उससे पूरे देश में राज्य आंदोलन को बल मिला वहीं उन्होंने अमेरिका में भी इस शांतिपूर्ण ढंग से चलाये जा रहे आंदोलन के बारे में अपना संबोधन दिया था व राज्य की आवाज को पहुंचाया। उन्होंने यह भी कहा कि वह उत्तराखंड के बारे में जितना जानते हैं शायद उतना यहां के नेता भी नहीं जानते होंगे। उन्होंने 35 वर्षों तक यहां रहकर पहाड़ के दर्द को समझा। उनको पदमभूषण पुरूस्कार मिलने से बहुत खुशी है। इस मौके पर शहीद स्मारक समिति के सचिव भगवती प्रसाद सकलानी ने कहा कि सिने अभिनेता विक्टर बनर्जी को मिला सम्मान उनका नहीं बल्कि उत्तराखंड का सम्मान है तथा राज्य आंदोलन की जीत मानते है। उन्होंने कहा कि उन्होंने उत्तराखंड राज्य आंदोलन को देश ही नहीं विदेशों में भी पहचान दिलाई। उन्होंने कहा कि उन्होंने मसूरी में रहकर राज्य आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई व हर प्रदर्शन में साथ रहते थे। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच के अध्यक्ष देवी गोदियाल ने कहा कि विक्टर बनर्जी को पदम भूषण सम्मान मिलने से आंदोलनकारियों में खुशी की लहर है। क्यो कि उन्होंने राज्य आंदोलन में अहम भूमिका निभाई थी। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच के महासचिव पूरण जुयाल ने भी विक्टर बनर्जी को पदम भूषण सम्मान मिलने पर खुशी व्यक्त की व कहा कि उन्होंने जहां आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई वहीं उन्होंने आर्थिक मदद भी की। उनको पदम सम्मान मिलने पर बधाई। इस मौके पर आंदेालनकारी उमेश वैश्य, चंद्रप्रकाश गोदियाल, श्रीपति कंडारी सहित बड़ी संख्या में राज्य आंदोलनकारी मौजूद रहे। मालूम हो कि विक्टर बनर्जी इन दिनों मसूरी में ही हैं लेकिन उम्र अधिक होने व कोरोना के कारण वह इन दिनों घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं उन्होंने सभी का आभार व्यक्त किया है।
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