मसूरी : देश के विभिन्न श्रमिक संगठनों की दो दिवसीय देश व्यापी हड़ताल का मसूरी में भी प्रभाव पड़ा। इस मौके पर बड़ी संख्या में विभिन्न संगठनों से जुडे श्रमिक शहीद भगत सिंह चौक पर एकत्र हुए और वहां से जुलूस निकाल कर एसडीएम कार्यालय गये व राष्ट्रपति को एसडीएम के माध्यम से ज्ञापन दिया। वहीं सभी होटलों व अन्य संगठनों के श्रमिकों ने 12 बजे दोहपर से अपराहन तीन बजे तक हड़ताल रखी।
बड़ी संख्या में श्रमिक संगठनों के श्रमिक शहीद भगत सिंह चौक पर एकत्र हुए और वहां से प्रदर्शन करते हुए एसडीएम कार्यालय तक गये। इस दौरान श्रमिक संगठनों ने केंद्र सरकार की श्रमिक विरोधी नीति के खिलाफ नारेबाजी की।
इस मौके पर एटक के अध्यक्ष आरपी बडोनी ने कहा कि पूरे देश के श्रमिक संगठन केंद्र सरकार की श्रमविरोधी नीति, किसान मजदूर विरोधी नीति के खिलाफ, श्रम कानूनों में बदलाव के खिलाफ दो दिनों तक हडताल पर रहेंगे। व धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि देश भर में करीब 35 करोड़ श्रमिक दो दिवसीय हड़ताल में शामिल हैं।
इस अवसर पर भाकपा के सचिव देवी गोदियाल ने कहा कि यह राष्ट्रव्यापी हड़ताल के तहत मसूरी के श्रमिक भी इसका समर्थन कर हड़ताल में शामिल है। जिसमें होटल कर्मचारी, भवन निर्माण मजदूर, आशा कार्यकत्री, गाइड सहित अनेक यूनियने हैं। इसमें मंहगाई, लगातार बड़ी कंपनियों में मजदूरों की छंटनी, कंपनियों में 18 घंटे तक कार्य किए जाने के विरोध में यह हड़ताल की जा रही है। कोरोना के नाम पर मजदूरों का शोषण किया जा रहा है महगाई बढने पर भी श्रमिकों का वेतन नही बढाया जा रहा।
इस मौके पर राष्ट्रपति को एसडीएम के माध्यम से ज्ञापन दिया गया जिसमें मांग की गई है कि होटल, स्कूल, दुकानों में कार्यरत कर्मचारियों का वेतन बढ़ती मंहगाई होने के चलते 24 हजार किया जाय, व शीघ्र मंहगाई भत्ते का भुगतान किया जाय, होटल, स्कूल, दुकानों सहित अन्य प्रतिष्ठानों में श्रम कानूनों का पालन करवाने के लिए निर्देशित किया जाय, ताकि मजदूरों का शोषण बंद हो, आशा वर्कर, भोजन माताओं, आंगनवाडी कायकत्रियों का मानदेय 24 हजार किया जाय, व उनकी स्थाई नियुक्ति की जाय, रिक्शा चालक, बोझा श्रमिकों की दरें बढाई जाय, पालिका बैरियरों पर साढे चार बजे के बाद पूरी तरह से सख्ती बरती जाय ताकि वाहन अंदर न आ सकें, सिफन कोर्ट के बेघर श्रमिकों को आवास उपलब्ध कराये जाय, तथा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व मंत्री गणेश जोशी अपने वादे पूरे करे।
प्रदर्शन करने वालों में उत्तराखंड संयुक्त ट्रेड यूनियन संघर्ष समिति के पदाधिकारियों सहित एटक अध्यक्ष व होटल वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष आरपी बडोनी, होटल रेस्टोरेंट यूनियन के अध्यक्ष सोबन सिंह पंवार, विक्रम बलूडी, गाइड यूनियन के अध्यक्ष चैत राम बडोनी, स्कूल कालेज यूनियन के जय सिंह कठैत, मजदूर संघ अध्यक्ष मंगल सिंह नेगी व मंत्री गंभीर पंवार, भवन निर्माण मजदूर संघ के असलम खान, अरदीन खान, सोबत रावत, जगदीश उनियाल, विजय बिंदवाल, गफूर खान सहित आशा कार्यकत्री भी प्रदर्शन में शामिल हुई।
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