मसूरी : बरसात शुरू होते ही पर्यटन नगरी की सड़कें गढढा युक्त हो गई। जिसके कारण लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आश्चर्य की बात है कि मई व जून माह में ही सड़कों की मरम्मत की गई थी जो मानसून की शुरूआती बारिश नहीं झेल सकी। रोड़ क्षतिग्रस्त होने से हर समय दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है।
पर्यटन नगरी मसूरी में यमुना पेयजल लाइन बिछाने व एक निजी कंपनी की केबल बिछाने के लिए मसूरी की अधिकतर सड़के खोदी गई जिनपर मई व जून में मरम्मत का कार्य किया गया। लेकिन कार्य इतना गुणवत्ता विहीन था कि मानसून की बरसात के शुरू होने पर ही सड़के गढढा युक्त हो गई। सबसे खराब स्थित मोती लाल नेहरू मार्ग, झड़ीपानी मार्ग की हैं। यहीं नहीं मालरोड भी कई स्थानों पर गढढे होने से परेशानी पैदा कर रही है। तेज बारिश होने के कारण रोडो पर इतने गहरे गढढे हो गये हैं कि वाहनों को चलाने में भी परेशानी हो रही है पैदल चलने वालों की तो शामत आ गई है। बरसात होने से अधिकतर सड़के पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। पूरी मालरोड पर भी कई स्थानों पर गढढे हो गये हैं। जिसके कारण दुर्घटना की संभावना बढ गई है। और इन दिनों लगातार हो रही बारिश के कारण सड़कों की मरम्मत भी नहीं हो सकती।
इस संबंध में पेयजल निर्माण निगम के सहायक अभिंयंता विनोद रतूड़ी ने कहा कि तेज बरसात के चलते मरम्मत का कार्य बह गया है जिसके कारण गढढे हो गये हैं जिस पर ठेकेदार को निर्देश दिए गये है कि जहां जहां गढढे हो गये हैं वहां पर ईटों का खंड़जा बनाया जा रहा है ताकि भारी बारिश होने पर भी रोड ठीक रह सके।
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