लोकसभा चुनाव का कार्यक्रम घोषित होने के अगले ही दिन भाजपा ने गढ़वाल संसदीय सीट के अंतर्गत आने वाली विधानसभा की बदरीनाथ सीट से कांग्रेस विधायक एवं पूर्व मंत्री राजेंद्र भंडारी को अपने पाले में कर कांग्रेस को बड़ा झटका दे दिया। भंडारी ने रविवार को कांग्रेस से त्यागपत्र देकर दिल्ली में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव एवं उत्तराखंड चुनाव प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम, भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख व गढ़वाल सीट से पार्टी प्रत्याशी अनिल बलूनी की उपस्थिति में भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।
विधानसभा सदस्यता से त्यागपत्र
इससे पहले भंडारी ने विधानसभा सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया था, जिसे विधानसभा अध्यक्ष ने स्वीकार भी कर लिया। साथ ही बदरीनाथ सीट को रिक्त घोषित कर दिया गया है। विधानसभा सचिवालय ने इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी है। उधर, टिहरी से पूर्व विधायक धन सिंह नेगी ने भी कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है। चर्चा है कि वह भी भाजपा में वापसी कर सकते हैं। बदरीनाथ सीट से कांग्रेस विधायक एवं पूर्व मंत्री राजेंद्र भंडारी के लंबे समय से भाजपा में शामिल होने की चर्चा चल रही थी। हाल में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के चमोली जिले के दौरे में भंडारी की मुख्यमंत्री धामी और प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट से लंबी बातचीत हुई थी। भंडारी के भाजपा में शामिल होने से गढ़वाल संसदीय सीट पर कांग्रेस की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष राजेंद्र भंडारी ने वर्ष 2007 में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा और पहली बार विधानसभा पहुंचे।
तब उन्होंने तत्कालीन भाजपा सरकार को समर्थन दिया और वह पहले खंडूड़ी, फिर निशंक सरकार में मंत्री रहे। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव से पहले वह कांग्रेस में शामिल हुए और कांग्रेस के टिकट पर इसी सीट से विधायक चुने गए। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में वह हार गए थे, जबकि वर्ष 2022 में वह तीसरी बार विधायक चुने गए थे।
उत्तराखंड : भारत सरकार की श्रम सांख्यिकी विशेषज्ञ समिति में नियुक्ति, AI आधारित रोजगार एवं…
Aprilia ने अपने Aprilia SR 125 और SR 175 स्पोर्टी स्कूटर का 'Tribute Edition' लॉन्च…
मानसून के दौरान आपदा से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए सभी जिलों में…
विहिप के केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल की दो दिवसीय बैठक के समापन के मौके पर सीएम…
नैनीताल हाईकोर्ट ने कहा कि लोक विश्लेषक की रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं किया गया…
उत्तराखंड के पशुपालकों के लिए कुछ ऐसा होने जा रहा है जो एकाएक उनकी आमदनी…