लोकसभा चुनाव में अपने पिछले प्रदर्शन में 10 प्रतिशत अधिक मतदाताओं का समर्थन हासिल करने के उद्देश्य से मैदान में उतरी भाजपा की राज्य के 22 विधानसभा क्षेत्रों पर विशेष नजर रहेगी। चार संसदीय सीटों के अंतर्गत आने वाले इन विधानसभा क्षेत्रों में वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को सफलता नहीं मिल पाई थी। इसी को ध्यान में रखते हुए भाजपा ने इन विस क्षेत्रों के लिए खास रणनीति भी बनाई है। इनमें मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों की सभाओं के साथ ही पार्टी के केंद्रीय और प्रदेश स्तरीय नेताओं की एक के बाद एक छोटी-बड़ी सभाएं आयोजित की जाएंगी। साथ ही बूथ स्तर तक की इकाइयों को अधिक सक्रिय करने के दृष्टिगत जिम्मेदारी पहले ही सौंपी जा चुकी है।
विधानसभा चुनाव में भाजपा ने जीती थी 47 सीटें
70 सदस्यीय उत्तराखंड विधानसभा के पिछले चुनाव में भाजपा ने 47 सीटें जीती थी। 23 में उसे हार का सामना करना पड़ा था। लोकसभा चुनाव के दृष्टिगत भाजपा ने कांग्रेस समेत अन्य दलों के लिए दरवाजे खोले तो इसमें वह गढ़वाल संसदीय सीट के अंतर्गत आने वाली बदरीनाथ सीट से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भंडारी को अपने पाले में खींच चुकी है। ऐसे में गढ़वाल संसदीय सीट के अंतर्गत सभी 14 विधानसभा क्षेत्रों में वह कब्जा जमा चुकी है। अब शेष चार संसदीय सीटों के अंतर्गत आने वाले वाले 22 विधानसभा क्षेत्रों मेें चुनाव प्रचार पर भाजपा विशेष ध्यान केंद्रित किए हुए है। इसी के दृष्टिगत वहां के लिए अलग से रणनीति भी बनाई गई है। भाजपा का प्रयास है कि लोकसभा चुनाव में इन विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी के पक्ष में अधिक से अधिक समर्थन जुटाकर पिछले विस चुनाव की भरपाई की जाए। इसे देखते हुए पार्टी ने यहां बूथ स्तर पर संगठन को काफी पहले ही सक्रिय कर दिया था।
साथ ही बूथ स्तर पर गठित टोली को केंद्र एवं राज्य सरकारों की उपलब्धियों व कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी से लैस करने को वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है। अब इन विस क्षेत्रों में एक के बाद एक छोटी-बड़ी सभाओं, नुक्कड़ सभाओं के साथ ही अन्य कार्यक्रमों की श्रृंखला तय की गई है। मुख्यमंत्री, उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों, वरिष्ठ विधायकों, पूर्व विधायकों, पार्टी के प्रांतीय पदाधिकारियों, पूर्व पदाधिकारियों के साथ ही मंडल स्तर तक के पदाधिकारियों को इनकी जिम्मेदारी दी गई हैं।
इन विधानसभा क्षेत्रों पर नजर
संसदीय सीट- विधानसभा क्षेत्र
टिहरी:- प्रतापनगर, यमुनोत्री व चकराता
अल्मोड़ा :- पिथौरागढ़, धारचूला, अल्मोड़ा, द्वाराहाट व लोहाघाट
नैनीताल-ऊधम सिंह नगर :- हल्द्वानी, खटीमा, नानकमत्ता, किच्छा, बाजपुर व जसपुर
हरिद्वार :- हरिद्वार ग्रामीण, लक्सर, खानपुर, पिरान कलियर, मंगलौर, भगवानपुर, झबरेड़ा व ज्वालापुर
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