मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने आदि कैलाश की यात्रा पर आने वाले पर्यटकों के लिए सुविधाओं और कनेक्टिविटी को मजबूत करने के सम्बन्ध में पर्यटन विभाग के साथ बैठक की।

देहरादून : मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिवालय में बुधवार को आदि कैलाश की यात्रा पर आने वाले पर्यटकों के लिए सुविधाओं और कनेक्टिविटी को मजबूत करने के सम्बन्ध में पर्यटन विभाग के साथ बैठक की। बैठक में जानकारी दी गई कि माननीय प्रधानमंत्री जी की परिकल्पना के अनुरूप पर्यटन विभाग द्वारा पिथौरागढ़ जिले के धारचूला क्षेत्र में स्थित आदि कैलाश अथवा छोटा कैलाश, ओम पर्वत, पार्वती सरोवर पवित्र धार्मिक स्थलां के दर्शनों के लिए हैली सेवाएं प्रारम्भ की जा रही हैं। आदि कैलाश एवं ओम पर्वत के दर्शन पर्यटकों द्वारा जौलिंगकौंग एवं नाबीढांग से कराये जाने की योजना है।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि विषम मौसम एवं उच्च हिमालयी क्षेत्रों के अत्यधिक ठण्ड व विषम मौसम के कारण सर्दियों के दौरान छः माह में यहां के नागरिकां के पास कोई व्यवसायिक गतिविधियां न होने के कारण उन्हें मजबूर होकर निचले क्षेत्रों में आजीविका हेतु पलायन करना पड़ता है, जबकि सामरिक दृष्टिकोण, धार्मिक पर्यटन एवं साहसिक पर्यटन की दृष्टि से यह क्षेत्र अत्यन्त महत्वपूर्ण होने के कारण इस क्षेत्र में विंटर टूरिज्म को बढ़ावा देकर एक ओर जहां इस क्षेत्र में वर्ष पर्यन्त नागरिकां की उपस्थिति से न केवल सामरिक दृष्टिकोण अपितु वहीं दूसरी ओर एक नया शीतकालीन पर्यटन गन्तव्य व उत्पाद केन्द्र तैयार कर स्थानीय नागरिकों के लिये रोजगार के संसाधन उपलब्ध कराने तथा राजस्व अर्जित का प्रमुख स्रोत विकसित हो सकता है।

बैठक में जानकारी दी गई कि हैली सेवाएं प्रारम्भिक रूप से छः माह के लिए संचालित किये जाने का प्रस्ताव है एवं छः माह के उपरान्त यात्रा संचालन का व्यापक परीक्षण कर भविष्य में इस योजना को नियमित रूप से यात्रियां/पर्यटकों के लिए संचालित किया जा सकेगा। मुख्य सचिव ने पर्यटन विभाग को आदि कैलाश क्षेत्र में पर्यटकों के लिए मूलभूत सुविधाओं को विकसित करने की कार्ययोजना पर गम्भीरता और तत्परता से कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

बैठक में सचिव सचिन कुर्वे, अपर सचिव पूजा गर्ब्याल तथा पर्यटन विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *