कांग्रेसियों ने बनाई राहुल की रैली सफल, अपने संबोधन में केन्द्र सरकार पर बोला हमला, कहा कुछ ऐसा।

देहरादून : जनपद के परेड ग्राउंड से कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने उत्तराखंड के शहीदों को नमन किया, और कहा कि आपका और मेरा कुर्बानी से रिश्ता है उनके अनुसार उत्तराखंड के हजारों लोगों ने इस देश के लिए अपना खून बहाया है मेरे परिवार ने भी इस देश की रक्षा और अखंडता को बनाए रखने के लिए खून बहाया है। उन्होंने कहा कि मैंने अपने पिता और दादी को खोया, उन्होंने कहा की जो सेना या अन्य सेवा में लोग है वो इस बात को समझते हैं कि पिता को खोना भाई को खोना क्या होता है वो आप और मैं समझ सकते हैं , लेकिन जिसने ऐसा नही किया वो नहीं समझ सकते।

इस अवसर पर राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सरकार दो तीन पूंजीपतियों के लिए चल रही है, कृषि कानून इन्ही लोगो की मदद के लिए लाया गया, पहले माफी मांगने का काम किया, फिर सदन में बीजेपी के नेता बोलते है कि आंदोलन में कोई नही मारा गया, देश तब मजबूत होता है जब देश का नागरिक मजबूत होता है।

बांग्लादेश युद्ध के समय देश मजबूत था, सेना और सरकार के बीच जबरदस्त रिश्ता था। देश की अर्थव्यवस्था मजबूत थी। उन्होंने कहा कि मैं वो दिन कभी नही भूल सकता की स्कूल में मुझे बताया गया कि इंदिरा गांधी को 32 गोली लगी है,  उत्तराखंड में भी कई परिवार ऐसे की जिनके पास परिवार के सदस्य के शहीद होने की खबर आई, ये रिश्ता आपके और मेरे बीच का है।

राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि आज दिल्ली में आयोजित विजय दिवस के मुख्य कार्यक्रम में स्वर्गीय इंदिरा गांधी का नाम तक नहीं लिखा गया। उत्तराखंड के परिपेक्ष्य में में उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी व दूसरी समस्या है महंगाई है।

10 लाख करोड़ रुपए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने छीनकर अरबपतियों का कर्जा माफ किया है,
कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने देहरादून में विजय सम्मान रैली के माध्यम से चुनावी शंखनाद कर दिया है। साथ ही अपने परिवार और उत्तराखंड के शहीदों को देश के लिए कुर्बान होने से भी जोड़ा। जनसभा में राहुल गांधी की बातों पर नज़र डाले तो मेरे पिताजी और दादीजी ने देश के लिए शहादत दी है। उत्तराखंड ने देश के लिए सबसे ज्यादा खून दिया। 1971 में 13 दिन में पाकिस्तान ने हार स्वीकार की। 1971 के युद्ध को हमें गहराई से समझना चाहिए। 1971 में लाखों भारतीयों ने देश के लिए अपने घर से सोना भारत सरकार को दिया। आज देश को बांटा जा रहा है, बीजेपी एक भाई को दूसरे से लड़ा रही है। तीन कृषि कानून किसानों को खत्म करने के लिए बनाए गए। किसानों की ताकत के सामने प्रधानमंत्री ने माफी मांगी। नोटबन्दी और जीएसटी ने देश को बर्बाद किया। मोदी सरकार सिर्फ उद्योगपतियों की सरकार है। मोदी सरकार जबतक रहेगी तब तक रोजगार नही मिलेगा। वहीं विजय दिवस के मौके पर सम्मानित होकर पूर्व सैनिक भी उत्साहित है।

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