घरों में पानी घूसने की शिकायतें पर DM, महानगर आयुक्त, VC MDDA ने किया संयुक्त रूप से स्थलीय निरीक्षण।

देहरादून : जनपद में हो रही वर्षा के कारण नगर निगम क्षेत्रों में जलभराव एवं नाली चैक होने से घरों में पानी घूसने की शिकायतें प्राप्त हो रही है। गत रात्रि से लगातार बारिस से नगर निगम क्षेत्रों में जलभराव वाले स्थानों का स्थलीय निरीक्षण जिलाधिकारी डाॅ आशीष कुमार श्रीवास्तव, महानगर आयुक्त विनय शंकर पाण्डे, महानिदेशक सूचना/उपाध्यक्ष एमडीडीए रणवीर सिंह चैहान द्वारा संयुक्त रूप से मोथोरोवाला क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण के दौरान आवासीय परिसरों में जलभराव होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके लिए नगर निगम द्वारा क्षेत्र में पम्प सैट लगवाकर पानी की निकासी शुरू कर दी गई है तथा इस क्षेत्र में ड्रेनेज सिस्टम व सीवर सिस्टम को दुरस्त कराये जाने के निर्देश दिये। नगर निगम द्वारा ड्रेनेज सिस्टम पानी की निकासी की वैकल्पिक व्यवस्था बनानें तथा ड्रेनेज सिस्टम एवं नाली निर्माण हेतु आवश्यक आंगणन प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इसके उपरान्त रिस्पना पुल से नदी के बहाव एवं कूड़ा निस्तारण, चैनेलाईजेशन का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि रिस्पना नदी के किनारे आबादी वाले क्षेत्रों में लोगों द्वारा कूड़ा सीधे नदी में डाला जा रहा है इसकी रोकथाम हेतु नदी किनारे वाले आवासीय परिसरों के आगे जाली लगायें ताकि लोग नदी में कूड़ा न डाल सकें। जिलाधिकारी ने नगर निगम देहरादून और एमडीडीए को रिस्पना तथा बिन्दाल नदियों सहित जिन नालों पर लोगों द्वारा कूड़ा फैंकने की संभावना रहती है उन क्षेत्रो में विभिन्न स्थानों पर आवश्यकतानुसार जाली लगवाने की कार्यवाही एमडीडीए द्वारा की जा रही है। उन्होंने नगर निगम को रिस्पना, बिन्दाल नदी के साथ ही विभिन्न बरसाती नालों में कूड़ा फैंकने पर प्रतिबन्ध लगाते हुए विभिन्न स्थानों पर सीसीटीवी कैमरा लगाने के निर्देश देते हुए कहा कि सीसीटीवी की निगरानी में जो भी व्यक्ति नदी/नालों अथवा सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फेंकता पाया जाता है उनकी पहचान करते हुए सम्बन्धित पर वैधानिक कार्यवाही करें। इस सम्बन्ध में एमडीडीए सचिव ने बताया गया कि इस कार्य हेतु एमडीडीए द्वारा धनराशि रू0 90 लाख का आंगणन तैयार किया गया है।
इस दौरान विभागीय उच्चाधिकारियों द्वारा जलभराव की समस्या के निस्तारण हेतु अपने-अपने सुझाव जिलाधिकारी को दिये, जिस पर जिलाधिकारी ने सभी व्यवहारिक पहलुओं पर विचार करते हुए दिये गये सुझावों को जिला प्रशासन, नगर निगम एवं एमडीडीए को आपसी समन्वय से लागू करने की बात कही।
स्थलीय निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने नगर निगम व एमडीडीए के अधिकारियों से नगर निगम क्षेत्रान्तर्गत अन्य स्थानों पर जहां पर जलभराव, नाली चैक होने से घरों में पानी घुसने की शिकायत मिल रही हैं उन स्थानों पर वैकल्पिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि नगर निगम में मानसून अवधि के दौरान 24 घण्टे कन्ट्रोलरूम क्रियाशील रहे ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए त्वरित कार्यवाही की जा सके।

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