26 दिसंबर तक शहीद स्थल के निर्माण को ध्वस्त न किया गया तो किया जाएगा जनांन्दोलन।

मसूरी : शहीद स्थल को बचाने के लिए राज्य आंदोलनकारी प्रदीप भंडारी, ललित मोहन काला व उत्तराखंड भैरव सेना के प्रदेश अध्यक्ष संदीप खत्री ने शहीद स्थल पर पत्रकार वार्ता कर यहां पर बनाये जाने वाले होटल, रेस्टोरेंट का विरोध किया है व चेतावनी दी है कि यदि 26 जनवरी तक इस निर्माण को ध्वस्त न किया गया तो आंदेालन किया जायेगा।
शहीद स्थल पर आयोजित पत्रकार वार्ता में राज्य आंदोलनकारी प्रदीप भंडारी ने कहा कि शहीद स्थल राज्य आंदोलन का मंदिर है जहां पर राज्य आंदोलन के दौरान छह लोगों ने शहादत दी थी। लेकिन नगर पालिका व कुछ लोग यहां पर होटल बना रहे हैं व इसकी गरिमा को नष्ट करने, इसकी सुंदरता को समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है। मांग की गई कि शहीद स्थल के चारों ओर पंद्रह मीटर तक कोई निर्माण न किया जाय। इस संबंध में प्रदेश के मुख्य सचिव ने भी एमडीडीए वीसी को आदेश किए है कि जो निर्माण कर रहे है उनके खिलाफ कार्रवाई कर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करें। वहीं एमडीडीए के वीसी को चेतावनी दी है कि 26 जनवरी से पहले इस निर्माण को ध्वस्त कर दे अन्यथा मसूरी से पूरे प्रदेश में जनांदोलन शुरू किया जायेगा।

इस मौके पर भैरव सेना के केंद्रीय अध्यक्ष संदीप खत्री ने कहा कि शहीद स्मारक का अतिक्रमण बर्दास्त नहीं किया जायेगा। पूर्व में एक सप्ताह का समय दिया गया था कि विंटर लाइन कार्निवाल के बाद कार्रवाई करेंगे। लेकिन अब 26 जनवरी तक का समय दिया जा रहा है उसके बादं आंदोलन किया जायेगा। राज्य आंदोलनकारी ललित मोहन काला ने कहा कि शहीद स्थल की प्रतिष्ठा को बनाये रखने का प्रयास किया जा रहा है व इससे लगे पालिका के द्वारा 25 सालों की लीज पर दिए जाने वाले व उस पर  पालिका के द्वारा हो रहे व्यावसायिक निर्माण का विरोध किया जायेगा। यह शहीदों का अपमान है। इसमें शासन को भी गुमराह किया गया व हवाघर को तोडा गया व यहां पर कैफेटेरिया बन रहा है। लेकिन दुःख की बात है कि शहर के आंदोलनकारी व मसूरी वासी व सजग लोग अभी आगे नहीं आ पा रहे हैं उनसे अनुरोध है कि वह इस आंदोलन में आगे आयें अगर न्यायालय की शरण में भी जाना पड़ा तो जाएंगे। राज्य आंदोलनकारी, अन्ना हजारे आंदोलन के अग्रणी व किसान नेता भौंपाल सिंह चौधरी ने कहा कि जब किसान आंदोलन में केद्र सरकार व प्रधानमंत्री को झुका दिया व उन्होंने माफी मांगी कहीं ऐसा न हो कि इस मामले में भी प्रदेश के मुख्य मंत्री को माफी मांगनी पड़े। उन्होंने कहा कि इससे शहीदों का अपमान है, अभी हम जिंदा है, यहां पर कोई व्यवसायी करण नहीं होने दिया जायेगा, शहीदों के आत्मा को ठेस नहीं पहुंचने देंगे। सरकार शीघ्र इस पर ध्यान दें व चेतावनी है कि अगर शीघ्र शहीद स्थल पर हुए निर्माण को ध्वस्त न किया गया तो कहीं ऐसा न हो कि प्रदेश के किसानों के ट्रेक्टर मसूरी की मालरोड पर नजर आयें।

इस मौके पर भैरव सेना के जिलाध्यक्ष गौतम बाली, जिला महासचिव नवीन मंमगाई, जिला उपाध्यक्ष अनु राजपूत व अमन आदि मौजूद रहे।

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