राज्यों व संघ राज्य क्षेत्रों के विदयुत और नवीन व नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रियों के सालाना सम्मेलन से लौटे मंत्री सुबोध उनियाल, दी जानकारी, बताया उत्तराखण्ड की ओर से निम्न बिन्दुओं को उठाया प्रमुखता से।

देहरादून : केन्द्रीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित किए जाने वाले राज्यों व संघ राज्य क्षेत्रों के विदयुत और नवीन व नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रियों का सालाना दो दिवसीय सम्मेलन दिनांक 14-15 अक्टूबर 2022 उदयपुर, राजस्थान में सम्पन्न हुआ। इस सम्मेलन में उत्तराखंड राज्य का प्रतिनिधित्व कर देहरादून लौटे काबीना मंत्री वन व तकनीकी शिक्षा सुबोध उनियाल ने बताया की सम्मेलन के दौरान उत्तराखण्ड राज्य की और से निम्न बिन्दुओं को प्रमुखता से उठाया गया

1. गरीब तबके के परिवारों को स्मार्ट मीटरिंग के दायरे से बाहर रखा जाय।

2. 33 Kv विद्युत लाईन का कार्य उत्तराखण्ड पावर कारपोरेशन को दिये जाने का बिन्दु प्रमुखता से रखा गया।

3. भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति को दृष्टिगत गैस आधारित ऊर्जा के विकल्प पर गम्भीरता से कार्य करने का प्रस्ताव रखा गया है। हिमालयी क्षेत्रों में अनियमित वर्षा चक एवं जलवायु परिवर्तन के कारण पानी की कमी अवश्यम्भावी है।

4. उत्तराखण्ड राज्य में 20 विद्युत परियोजनाओं को फिर से शुरू किये जाने का बिन्दु प्रमुखता से
रखा गया। इनके निर्माण एवं उत्पादन प्रारम्भ होने से 2236 MW विद्युत का उत्पादन हो सकेगा।

सम्मेलन में मुख्य रूप से ऊर्जा सेक्टर में सुधार, स्मार्ट मीटरिंग, नवीकरणीय ऊर्जा व भंडारण, निर्बाध विदयुत आपूर्ति के साथ उपभोक्ताओं के अधिकार व वर्ष 2030 को लक्ष्य मानते हुए भविष्य की ऊर्जा जरूरतों पर चर्चा जैसे अनेक बिन्दु विचारणीयः रहे। देश की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में उत्तराखंड राज्य की अग्रणी भूमिका है। इसके तहत टिहरी बांध परियोजना व मनेरी भाली क्षेत्र प्रमुख हैं।

अपने सम्बोधन में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री राजकुमार सिंह ने ऊर्जा सेक्टर की वर्तमान स्थिति व भविष्य की आवश्यकताओं को विशेष रूप से केन्द्रित किया। माननीय केन्द्रीय मंत्री द्वारा वैश्विक स्तर पर ऊर्जा क्षेत्र में दिक्कतों के बावजूद राष्ट्र की जरूरतों को पूरा करने में राज्य व संघ राज्य क्षेत्रों के सहयोग की सराहना कर इसे समग्र तैयारी का हिस्सा रेखांकित किया गया। वर्ष, 2030 तक जनसंख्या के सापेक्ष ऊर्जा की बढ़ती व दुगुनी खपत के लिए इसमें वृहद पूंजी निवेश के माध्यम से व्यापक सुधार. ऊर्जा प्रणाली का उन्नयन, ग्रीन हाईड्रोजन को प्रोत्साहन जैसी नई तकनीक अपनाये जाने की ज़रूरत पर बल दिया गया। इसके तहत समेकित तौर पर सभी हितधारकों से सहयोग का आह्वान किया गया। उत्तराखंड शासन में ऊर्जा विभाग के सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम सम्मेलन में शामिल रहे।

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