मुुंबई की संस्था सानवी सोशल वेलफेयर सोसायटी ने 480 बच्चों को किये स्वेटर वितरित।

मसूरी : मसूरी गर्ल्स इंटर कालेज में सर्दी से बचने के लिए छात्राओं को मुबंई की संस्था सानवी सोशल वेलफेंयर सोसायटी ने 480 छात्राओं को स्वेटर वितरित किए। तथा 131 स्वेटर चंबा के चोपड़ियाल गांव के राजकीय इंटर कालेज में दिए।
मसूरी गर्ल्स इंटर कालेज के प्रांगण में आयोजित एक कार्यक्रम में मुबंई की संस्थ सानवी सोशल वेलफेयर सोसायटी ने सर्दी को देखते हुए सभी 480 छात्राओं को स्कूल ड्रेस की स्वेटर वितरित किए।

इस मौके पर संस्था की संसथापक व निदेशक ईशा रावत ने बताया कि उनकी संस्था पूरे महाराष्ट्र में सेवा का कार्य आदिवासी क्षेत्रों में करती है। उन्होंने बताया कि वहां पर 130 स्कूलों में करीब दस हजार बच्चों के साथ कार्य कर रहेे हैं उन्हें हाईजीन, संगीत आदि के क्षेत्र में कार्य कर रहे है व उनके साथ कार्यशाला का आयोजन भी किया जाता है। उन्होंने बताया कि पहाडों में भी समस्यायें हैं और काफी समय से मन था कि उत्तराखंड में भी सेवा के कार्य किए जायं और इसकी शुरूआत हो चुकी है। इस मौके पर संस्था के आशीष बर्त्वाल ने कहा कि सानवी संस्था गरीब बच्चों की मदद करने का कार्य करती है, मसूरी का निवासी होने के नाते व इस विद्यालय से भावनात्मक लगाव होने के नाते मसूरी में भी कार्य शुरू किया है। उन्होंने कहा कि जहां से भी गरीब बच्चांे की कोई रिक्वायरमेंट आयेगी उसे वह पूरा करने का प्रयास करेंगे। इस मौके पर उन्होंने बच्चों से पढ़ाई करने का आहवान किया व कहा कि वह पढ़ाई न छोड़े व जिस क्षेत्र में रूचि हो उसी क्षेत्र में जाने का लक्ष्य निर्धारित करें व इस संबंध में अगर कोई परेशानी हो तो वह संस्था से संपर्क कर सकते हैं ताकि उसका समाधान किया जा सके।

कार्यक्रम में मसूरी गर्ल्स इंटर कालेज की प्रधानाचार्या अनीता डबराल ने सानवी संस्था की ईशा रावत व आशीष बर्त्वाल सहित पूर्व उपप्रधानाचार्या सुभाषिनी बर्त्वाल का विशेष आभार व्यक्त किया कि उनके प्रयास से बच्चों को ठंड से बचने के लिए स्वेटर वितरित किए गये। उन्होंने कहा कि विद्यालय में गरीब परिवार के बच्चे पढ़ते है उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए उनकी जरूरतों को पूरा करने के लिए विद्यालय, प्रबंधन व सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से प्रयास करते हैं। वहीं उन्होंने कहा कि उनका प्रयास रहता है कि कोई बच्चा घर में पढ़ाई से वंचित न रहे उसके लिए पीटीए की बैठकों में अभिभावकों से संपर्क करके व घर घर जाकर प्रयास किया जाता है कि बच्चा स्कूल आये व उनकी जो भी परेशानी हो उसको दूर किया जाये। इस मौके पर विद्यालय की शिक्षिकाओं सहित विद्यालय के प्रबंधक मनोज शैली भी मौजूद रहे।

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